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ट्रंप के टैरिफ का जवाब: boycott American goods

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11 अग. 2025, 09:54 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

कोका कोला
कोका कोला

नई दिल्ली । डेस्क: स्वदेशी जागरण मंच, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा है, ने रविवार को देशभर में छोटी-छोटी रैलियां निकालीं, जिसमें लोगों से अमरीकी ब्रांड्स का बहिष्कार करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की गई. यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयातित सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के जवाब में उठाया गया है, जिसने भारत के निर्यातकों को झटका दिया है और नई दिल्ली-वाशिंगटन के बीच संबंधों को प्रभावित किया है.


सोशल मीडिया और ऑफलाइन दोनों ही जगह 'स्वदेशी खरीदो, अमरीकी छोड़ो' का नारा जोर पकड़ रहा है. 

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मैकडॉनल्ड्स, कोका-कोला, अमेजन और एप्पल जैसे अमरीकी ब्रांड्स को निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि, अभी तक इन ब्रांड्स की बिक्री पर तत्काल असर की कोई खबर नहीं है, लेकिन भारत में अमरीकी उत्पादों के खिलाफ भावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं.


भारत, दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश, अमरीकी ब्रांड्स के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है. मेटा के व्हाट्सएप के लिए भारत सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, और डोमिनोज के यहां सबसे ज्यादा रेस्तरां हैं. 


पेप्सी और कोका-कोला जैसे पेय पदार्थ दुकानों में छाए रहते हैं, और एप्पल स्टोर के खुलने या स्टारबक्स के डिस्काउंट पर लोग कतार में लगते हैं. लेकिन अब स्वदेशी जागरण मंच और अन्य संगठन 'मेड इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं.


वाउ स्किन साइंस के सह-संस्थापक मनीष चौधरी ने लिंक्डइन पर एक वीडियो संदेश में कहा, "हम हजारों मील दूर के उत्पादों के लिए कतार में लगे हैं. हम उन ब्रांड्स पर गर्व से खर्च करते हैं जो हमारे नहीं हैं, जबकि हमारे अपने निर्माता अपने ही देश में संघर्ष कर रहे हैं." उन्होंने भारतीय किसानों और स्टार्टअप्स का समर्थन करने और 'मेड इन इंडिया' को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने का आह्वान किया.


इसी तरह, ड्राइवयू के सीईओ राहम शास्त्री ने लिंक्डइन पर लिखा, "भारत को अपना स्वदेशी ट्विटर, गूगल, यूट्यूब, व्हाट्सएप और फेसबुक बनाना चाहिए, जैसा कि चीन ने किया."


स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने रॉयटर्स को बताया, "लोग अब भारतीय उत्पादों की ओर देख रहे हैं. इसमें समय लगेगा, लेकिन यह राष्ट्रवाद और देशभक्ति का आह्वान है." मंच ने व्हाट्सएप पर एक तालिका साझा की है, जिसमें साबुन, टूथपेस्ट और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे भारतीय ब्रांड्स की सूची दी गई है, जिन्हें लोग विदेशी ब्रांड्स के बजाय चुन सकते हैं.


सोशल मीडिया पर मंच का एक अभियान 'विदेशी फूड चेन्स का बहिष्कार' शीर्षक से ग्राफिक के साथ चल रहा है, जिसमें मैकडॉनल्ड्स और अन्य रेस्तरां ब्रांड्स के लोगो शामिल हैं.


हालांकि, भारतीय रिटेल कंपनियां स्टारबक्स जैसे विदेशी ब्रांड्स को घरेलू बाजार में कड़ी टक्कर देती हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर जाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. दूसरी ओर, टीसीएस और इन्फोसिस जैसी भारतीय आईटी कंपनियां वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहराई से शामिल हैं और दुनिया भर के ग्राहकों को सॉफ्टवेयर समाधान प्रदान करती हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP