ट्रंप का दावा: ग्रीनलैंड में अमेरिकी सुरक्षा नियंत्रण को लेकर हुआ समझौता
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता कर लिया है. इस समझौते के तहत ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यकताओं पर अमेरिका का स्थायी नियंत्रण रहेगा.
अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी में ट्रंप ने बताया कि उनके निर्देशों के तहत अमेरिकी प्रतिनिधियों ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के साथ बातचीत की. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड में राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आवश्यक कदम उठाने का पूर्ण और स्थायी अधिकार मिले.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी अनुमति के बिना कोई भी विरोधी देश ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाएगा.
इस समझौते के तहत अमेरिका ग्रीनलैंड में नए सैन्य ठिकानों के निर्माण की योजना पर तुरंत काम शुरू करेगा. वर्तमान में अमेरिका के पास 1951 की संधि के तहत ग्रीनलैंड के हवाई क्षेत्र और मौजूदा सैन्य ठिकानों के उपयोग का अधिकार पहले से ही हासिल है.
विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से ट्रंप का लंबे समय से चला आ रहा क्षेत्रीय दावा और कूटनीतिक गतिरोध फिलहाल शांत हो सकता है. इसे अमेरिका के 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम के विस्तार और रक्षात्मक दृष्टिकोण से एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है.
दूसरी ओर, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने एक संयुक्त बयान में पुष्टि की है कि इस समझौते पर आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है. हालांकि, इसे लागू करने से पहले नुउक और कोपेनहेगन की संसदों से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा कि यह समझौता ग्रीनलैंड के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और डेनमार्क की क्षेत्रीय संप्रभुता का सम्मान करता है. वहीं, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने विश्वास जताया कि इस समझौते से क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक मजबूत होगी.