ट्रंप ने पीएम मोदी को किया फोन, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर हुई चर्चा
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध और पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर चर्चा की. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत है.
इस संघर्ष में अब तक कम से कम 6 भारतीयों की जान जा चुकी है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका गहरा असर पड़ा है. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने मुख्य रूप से 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के माध्यम से ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा माना जाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संवाद की जानकारी देते हुए कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस चर्चा की पुष्टि की. गौरतबल है कि ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे भारत जैसी बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं.
इस संकट के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बेहद सक्रिय है. एक तरफ जहां भारत ने ईरान और रूस के साथ संवाद बढ़ाया है, वहीं अमेरिका ने भी संकट को देखते हुए रूसी तेल खरीद पर प्रतिबंधों में ढील दी है, जिससे भारत ने फिर से रूसी कच्चे तेल का आयात शुरू कर दिया है.
विदेश मंत्रालय ने इसे एक 'सामान्य प्रक्रिया' करार दिया है. इसके साथ ही, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री के साथ भी विस्तृत चर्चा की है, ताकि क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता बनी रहचा