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ट्रंप का 'नरम' रुख: भारत, चीन और ब्राजील से सुलह के संकेत?

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22 अक्टू. 2025, 03:54 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली । डेस्क: विश्व व्यापार के मंच पर क्या अमेरिका अपनी रणनीति बदल रहा है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया गतिविधियों से यह सवाल उठना शुरू हो गया है. अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार वार्ता फिर से शुरू कर दी है, और चीन के संबंध में भी उनका लहजा नरम पड़ा है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात भी होनी है. 


फिलहाल, अमेरिका ने इन दोनों देशों पर भारी शुल्क लगा रखा है. अब, ट्रंप एक और ऐसे देश के साथ बातचीत के दरवाजे खोलने की पहल कर रहे हैं जो अमेरिकी शुल्कों की मार झेल रहा है.


रॉयटर्स के अनुसार, व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया है कि ट्रंप ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा के साथ बैठक करना चाहते हैं. दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच यह मुलाकात अक्टूबर के अंत में मलेशिया में हो सकती है. 


हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के व्यक्तिगत संबंध बहुत सहज नहीं रहे हैं. कई लोग मानते हैं कि ट्रंप के संबंध ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के साथ तुलनात्मक रूप से बेहतर थे.


2022 के ब्राजील के आम चुनावों में, वामपंथी नेता लूला ने अति-दक्षिणपंथी बोल्सोनारो को हराया था. चुनाव हारने के बाद, बोल्सोनारो ने देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. उनके समर्थकों ने ब्राजील की संसद पर हमला करने का प्रयास किया था. 


इस घटना को लेकर मामला दर्ज हुआ, और ब्राजील की अदालत ने बोल्सोनारो पर 'सत्ता के दुरुपयोग' का आरोप लगाया. यह मामला अभी भी विचाराधीन है. ट्रंप का दावा है कि बोल्सोनारो के खिलाफ झूठे आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ब्राजील और अमेरिका के संबंध लगातार निचले स्तर पर गए हैं.


भारत की तरह, ट्रंप ने ब्राजील पर भी 50 प्रतिशत शुल्क लगाया हुआ है. उच्च शुल्क लगाते समय, ट्रंप ने बोल्सोनारो के संदर्भ के अलावा ब्राजील और अमेरिका के बीच 'अन्यायपूर्ण व्यापार घाटे' का भी उल्लेख किया था. संयोग से, ब्राजील, चीन और भारत – तीनों ही देश अंतरराष्ट्रीय गठबंधन 'ब्रिक्स' के सदस्य हैं. 


हाल के दिनों में, ट्रंप को कई मौकों पर 'ब्रिक्स' को निशाना बनाते हुए और इस अंतरराष्ट्रीय समूह के सदस्यों को चेतावनी देते हुए देखा गया है. पिछले महीने, ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों पर चर्चा के लिए लूला ने 'ब्रिक्स' समूह के देशों की एक वर्चुअल बैठक भी बुलाई थी. 


इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था. सितंबर की उस वर्चुअल बैठक में विश्व व्यापार में स्थिरता कैसे बनाए रखी जाए, इस पर चर्चा हुई थी.


हालांकि, व्यापार को लेकर इस कूटनीतिक खींचतान के बीच, ट्रंप ने अपना लहजा कुछ नरम करना शुरू कर दिया है. इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने लूला के साथ वीडियो कॉल पर बात की थी. उस समय ब्राजील की ओर से बताया गया था कि दोनों के बीच 'मैत्रीपूर्ण' चर्चा हुई है. तब ब्राजील ने यह भी बताया था कि दोनों नेता आमने-सामने बातचीत करना चाहते हैं. अब व्हाइट हाउस ने भी इसी बात की पुष्टि की है.


केवल ब्राजील ही नहीं, ट्रंप को हाल ही में उच्च शुल्क लगाए गए अन्य दो देशों - चीन और भारत - के साथ भी 'दोस्ती' की बात करते सुना गया है. व्यापार की उलझन को सुलझाने के लिए वाशिंगटन और बीजिंग के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है. 


इसी बीच, मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चीन के साथ दोस्ताना संबंध रखना चाहता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के शब्दों में, "मैं हमेशा चीन के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता हूं. लेकिन चीन सालों से हमारे साथ कठोर व्यवहार करता आ रहा है." ट्रंप यह भी मानते हैं कि चीन ने उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों के खराब व्यावसायिक दृष्टिकोण का फायदा उठाया.


भारत और अमेरिका के 'व्यापार घाटे' और रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने को लेकर भी ट्रंप दिल्ली से असंतुष्ट हैं. इसी कारण उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा रखा है. ट्रंप दावा करते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था 'मृत' है. 


हालांकि, वही ट्रंप अब भारत के साथ फिर से व्यापार वार्ता शुरू कर रहे हैं. हाल ही में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा कर चुका है और भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका गया है. पिछले महीने की शुरुआत में ही ट्रंप ने कहा था कि हालिया तनाव के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष संबंध है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा था, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और दोनों देशों के संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की सराहना करता हूं. मैं इसका प्रतिदान देने की भी कोशिश करूंगा." 


ट्रंप ने यह भी बताया कि भारत के साथ व्यापार वार्ता जारी है और जल्द ही दोनों देश एक सफल निर्णय पर पहुंचेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त भी बताया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP