इंदौर जैसी त्रासदी की रायपुर में आहट: नलों में आ रहा गंदा पानी
रायपुर । संवाददाता: इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद भी रायपुर नगर निगम प्रशासन नींद से जागता नजर नहीं आ रहा है. छत्तीसगढ़ की राजधानी के कचना हाउसिंग बोर्ड और आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने से नलों के जरिए दुर्गंधयुक्त और प्रदूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और स्वास्थ्य संकट का डर बना हुआ है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जोन क्रमांक 9 के अधिकारियों और इंजीनियरिंग स्टाफ से बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. निवासियों के अनुसार, क्षेत्र की सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. पेयजल की पाइपलाइनें खुली नालियों और चोक हो चुके सीवर चैंबरों के बेहद करीब से गुजर रही हैं, जिससे गंदा पानी पीने की सप्लाई में मिल रहा है.
इस मामले में सियासत भी गरमा गई है. कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर की घटना से सबक लेने के बजाय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. उन्होंने मांग की है कि सभी वार्डों में पानी की जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो.
वहीं, महापौर मीनल चौबे ने दावा किया है कि समस्या का समाधान कर दिया गया है और स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन निवासियों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रविवार तक भी दूषित पानी की समस्या बनी हुई थी.
यदि जल्द ही पाइपलाइनों की मरम्मत और नालियों की सफाई नहीं की गई, तो राजधानी में पीलिया और हैजा जैसी बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं.