TMC का आरोप: BJP को जिताने के लिए नियमों की धज्जी उड़ा रहे चुनाव अधिकारी
कोलकाता । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल, उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती और विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनीखेज दावे किए हैं. पार्टी प्रवक्ता और बेलेघाटा से उम्मीदवार कुणाल घोष ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीईओ दिल्ली के निर्देशों पर काम कर रहे हैं और राज्य में भाजपा के पक्ष में मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि यह सारा प्रयास भाजपा की सीटों की संख्या को किसी भी तरह 50 के पार ले जाने के लिए किया जा रहा है.
टीएमसी का तर्क है कि स्थापित मानदंडों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ भौतिक या आभासी बैठकें करें, ताकि उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनी रहे.
हालांकि, आरोप है कि बंगाल में सुब्रत गुप्ता ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ लगभग 10-12 बैठकें की हैं. पार्टी के अनुसार, इन बैठकों के दौरान पर्यवेक्षकों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है और उन्हें टीएमसी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उकसाया जा रहा है.
कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि पर्यवेक्षकों को जिलों का पूर्ण नियंत्रण लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो उनके निर्धारित अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
पार्टी ने इस दौरान यूपी कैडर के अधिकारी अनुराग यादव और हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारी सी. पॉलरासु के उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव अधिकारियों के भीतर भी इस कार्यशैली को लेकर भारी असंतोष है.
पॉलरासु ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सीईओ के पास पर्यवेक्षकों को निर्देशित करने का कोई अधिकार नहीं है, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर आधिकारिक ग्रुप से हटा दिया गया. टीएमसी ने मांग की है कि पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए.