तीन दशक बाद गुजरात के जंगल में बाघ की वापसी
अहमदाबाद । डेस्क: गुजरात, जो एशियाई शेरों के अंतिम घर के रूप में जाना जाता है, अब तीन दशकों से अधिक समय बाद अपनी वन्यजीव विरासत में एक दुर्लभ बदलाव देख रहा है. राज्य के वनों से विलुप्त होने के 1989 के रिकॉर्ड के बावजूद, एक अकेला बाघ दाहोद जिले के रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य में बस गया है.
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोडवाडिया ने इस बात की पुष्टि करते हुए घोषणा की है कि गुजरात अब शेर, तेंदुआ और बाघ - तीनों बड़े शिकारियों का घर है. उन्होंने बताया कि यह बाघ लगभग नौ महीने पहले भटककर गुजरात आया था और अब रतनमहल को अपना स्थायी निवास बना चुका है.
वन विभाग के अधिकारियों ने सूचित किया कि फरवरी में अभयारण्य के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में इस बाघ को पहली बार दर्ज किया गया था. पिछले नौ महीनों से, कर्मचारी लगातार उसकी गतिविधियों पर नज़र रख रहे थे, और कैमरों में उसकी नियमित उपस्थिति ने यह स्थापित कर दिया है कि वह इस जंगल में बस गया है. मंत्री ने कहा कि बाघ 'स्वस्थ दिख रहा है'.
वन्यजीव संरक्षण में गुजरात का स्वर्णिम अध्याय
— Pravinbhai Gordhanji Mali (@pravinmalibjp) November 18, 2025
गुजरात के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है की मध्य प्रदेश से आए करीब चार वर्षीय बाघ ने पिछले 9 महीनों से रतनमहल जंगलों को अपना घर बना लिया है।
इस महत्वपूर्ण सफलता के साथ, गुजरात अब देश का एकमात्र राज्य बन गया है जो एशियाई शेर, तेंदुआ और… pic.twitter.com/eopOBYEs6i
बाघ के इस निवास को सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं. वन विभाग ने अभयारण्य में शाकाहारी जीवों को स्थानांतरित किया है ताकि बाघ के लिए पर्याप्त शिकार आधार उपलब्ध हो सके. यह कदम राज्य के परिदृश्य को एक ऐसे शिकारी के लिए तैयार करने का संकेत देता है जो एक पीढ़ी से अनुपस्थित था.
यह घटना एक बड़ा उलटफेर है, खासकर 2019 के बाद जब महिसागर जिले के लुनावाड़ा तहसील में एक बाघ की उपस्थिति दर्ज की गई थी, लेकिन दो सप्ताह बाद उसका शव मिलने से पुनरुद्धार की उम्मीदें खत्म हो गई थीं.
इस नई उपस्थिति को लेकर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को सूचित किया गया है, और आगे की कार्रवाई के लिए उसका मार्गदर्शन मांगा गया है. हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह अकेला जानवर बड़े पैमाने पर बाघों की वापसी का नेतृत्व कर सकता है, लेकिन दशकों में पहली बार, गुजरात के जंगलों में फिर से एक बाघ मौजूद है.
Great news for WL lovers🐅#Gujarat famed asthe land of the Asiatic lion has confirmed a tiger living in Ratanmahal Wildlife Sanctuary for the last 9 months after arriving from MP.With this, Gujarat becomes the state hosting lion, leopard & tiger together. @ParveenKaswan #tiger pic.twitter.com/tmnzEKdJsa
— Rajan Joshi (@joshirajan155) November 19, 2025