डॉक्सीसाइक्लिन और कार्बिमोज़ोल दवाएं लेने वाले हो जाएं सतर्क
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश भर के दवा नियामकों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए दो सामान्य दवाओं एंटीबायोटिक 'डॉक्सीसाइक्लिन' और एंटी-थायराइड दवा 'कार्बिमोज़ोल' के पैकेट और लीफलेट में नए साइड इफेक्ट्स की जानकारी शामिल करना अनिवार्य कर दिया है.
भारतीय औषधि आयोग के तहत नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (NCC-PvPI) द्वारा की गई हालिया जांच और एडवर्स ड्रग रिएक्शन रिपोर्ट्स के मूल्यांकन के बाद इन दुष्प्रभावों की पुष्टि हुई है.
सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब डॉक्सीसाइक्लिन के निर्माताओं को अपनी दवा के साथ मिलने वाले जानकारी पत्र (PIL) और सावधानी सेक्शन में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) से संबंधित नए साइड इफेक्ट्स जैसे कि बेचैनी, घबराहट, चिड़चिड़ापन, घबराहट और चक्कर आना को स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा.
वहीं, कार्बिमोज़ोल दवा के मामले में 'एग्रानुलोसाइटोसिस' (Agranulocytosis) नामक गंभीर खतरे को जोड़ने का आदेश दिया गया है.
एग्रानुलोसाइटोसिस एक जानलेवा स्थिति है जिसमें शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं (ग्रैनुलोसाइट्स) की संख्या बेहद कम हो जाती है.
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाइसेंसिंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के निर्माताओं से इन बदलावों को तुरंत लागू करवाएं ताकि मरीजों को इन दवाओं से होने वाले नए संभावित खतरों की सटीक जानकारी मिल सके.