पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी- तेल मंत्रालय
नई दिल्ली । डेस्क: भारत सरकार ने उन तमाम मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हो सकती है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि सरकार के पास ईंधन की कीमतों में ऐसी किसी भी वृद्धि का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
मंत्रालय ने इन खबरों को भ्रामक और नागरिकों के बीच डर पैदा करने वाला बताया है.
FAKE NEWS
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o
यह स्पष्टीकरण कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद तेल कंपनियां कीमतों में बड़ा इजाफा कर सकती हैं.
कोटक की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने पर आधारित थी.
हालांकि, सरकार ने साफ किया कि भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहाँ पिछले चार वर्षों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है और सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव से नागरिकों को बचाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है.
गौरतलब है कि हाल के समय में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और जलडमरूमध्य के प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी गई है.
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 डॉलर से उछलकर 119 डॉलर तक पहुंच गई थीं और वर्तमान में 103-106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत में ईंधन की दरें स्थिर बनी हुई हैं. फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है.