बांधों में बीते वर्ष से 11 फीसदी अधिक जलभराव
प्रदेश के छोड़े बड़े सभी जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है
रायपुर | संवाददाताः प्रदेश में पिछले सप्ताह भर से हो रही लगातार बारिश का असर बांधों के जलस्तर पर पड़ा है. प्रदेश के छोड़े बड़े सभी जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.
पिछले वर्ष 9 जुलाई तक प्रदेश के जलाशयों में 31.64 फीसदी जल भराव हुआ था, लेकिन इस साल अभी तक 42.55 प्रतिशत जलभराव हो चुका है.
यानी विगत वर्ष की तुलना में इस साल वर्तमान में करीब 11 प्रतिशत अधिक जलभराव हुआ है.
बारिश का सबसे ज्यादा फायदा धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय को हुआ है. इसमें विगत वर्ष 4.91 प्रतिशत जलभराव हुआ था. इस साल 9 जुलाई की तिथि में 48.48 प्रतिशत जलभराव हो चुका है.
इसी तरह मिनीमाता बांगो बांध में 45.54 प्रतिशत जलभराव हुआ है. जबकि वर्ष 2024 में 44.63 फीसदी जलभराव था.
प्रदेश में 1 जून से अब तक 349.9 मिमी. औसत बारिश दर्ज की गई है. जिसमें सबसे ज्यादा रायगढ़ जिले में 501.9 मिमी. वर्षा रिकॉर्ड की गई है. जबकि बेमेतरा जिले में सबसे कम 167.3 मिमी. बारिश दर्ज की गई है.
प्रदेश में इन दिनों मानसून काफी सक्रिय है. जिसके चलते लगातार झमाझम बारिश हो रही है.
मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को भी रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरिया, बालोद, बलौदाबाजार, सरगुजा समेत 26 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है.
जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जलभराव में और वृद्धि होगी.
तांदुला में 24.99 प्रतिशत जलभराव
दुर्ग संभाग के तांदुला जलाशय में भी जलभराव की स्थित अच्छी है. लगातार हो रही बारिश की वजह से 24.99 प्रतिशत जलभराव हुआ है, जबकि वर्ष 2024 में 7.61 प्रतिशत जलभराव था.
बालोद के तांदुला, कांकेर के दुधावा, गरियाबंद के सिकासार, बिलासपुर के खारंग, धमतरी के सोंढूर और मुरमसिल्ली में भी लगातार जलस्तर बढ़ रहा है.
महासमुंद के कोडार, मुंगेली के मनियारी और रायगढ़ जिले के केलो बांधों में विगत वर्ष की तुलना में जलभराव अधिक है.
बड़े बांधों में विगत वर्ष की तुलना में जलभराव की स्थिति
सभी जलाशयों की जलभराव की स्थिति 9 जुलाई के अनुसार है. कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध में 9 जुलाई तक इस साल 2025 में 45.54 प्रतिशत जलभराव हुआ है. जबकि साल 2024 में 44.63 फीसदी जलभराव था.
इसी तरह धमतरी जिले के रविशंकर सागर, जिसे गंगरेल बांध के नाम से जाना जाता है. इस जलाशय में वर्तमान में 48.48 प्रतिशत तथा साल 2024 में मात्र 4.91 प्रतिशत जलभराव हुआ था.
तांदुला जलाशय में इस साल 24.99 फीसदी और साल 2024 में सिर्फ 7.61 प्रतिशत जल संग्रह हो पाया था.
दुधावा जलाशय में 2025 में 19.56 प्रतिशत, तो साल 2024 में 13.62 फीसदी था. वहीं सिकासार बांध में इस साल 32.92 तो विगत वर्ष 24.50 प्रतिशत जलभराव हुआ था.
इसी तरही खारंग जलाशय में इस साल 84.36, तो विगत साल 59.28 फीसदी, सोंढूर जलाशय में वर्तमान में 21.72 प्रतिशत, तो पूर्व वर्ष में15.04 प्रतिशत, मरुमसिल्ली में वर्ष 2025 में 15.65 फीसदी तो साल 2024 में मात्र 0.46 प्रतिशत जलस्तर था.
महासमुंद जिले के कोडार जलाशय में इस वर्ष 26.92 प्रतिशत, तो विगत वर्ष 10.54 फीसदी, मनियारी जलाशय में 2025 में 76.06 फीसदी और 2024 में 54.33 प्रतिशत जल था.
वहीं केलो जलाशय में इस साल 9 जुलाई तक 27.46 प्रतिशत जलभराव हो गया है. जबकि साल 2024 में 26.91 प्रतिशत जलभराव हुआ था.