शिक्षक का शव पिकअप में ले जाने मजबूर हुए परिजन
कांकेर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अव्यवस्था का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. एक शासकीय सेवक की मौत के बाद शव ले जाने के लिए परिजनों को घंटों भटकना पड़ा.
उसके बाद भी सरकारी शव वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया. मजबूर परिजनों को आखिर में पिकअप वाहन का सहारा लेना पड़ा.
इसके पहले पंचनामे के लिए पीड़ित परिजनों को पुलिस का घंटों इंतजार करना पड़ा.
इस संबंध में सीएमएचओ और सिविल सर्जन से पूछा गया तो अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए डीन से जानकारी लेने की बात कही. वहीं कांकेर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के संयुक्त संचालक का कोई जवाब नहीं आया है.
दरअसल, कांकेर जिले के बोरगांव के प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधानपाठक चिंता राम गजभिए की अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज कांकेर में भर्ती कराया गया था. जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
डॉक्टरों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. जहां पंचनामा के लिए पहले घंटों इंतजार करना पड़ा.किसी तरह पोस्टमॉर्टम हुआ तो शव को घर ले जाने की समस्या खड़ी हो गई. अस्पताल प्रबंधक द्वारा शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया.
बाहर से निजी वाहन की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली. अंत में परिवार को पिकअप वाहन से शव को घर ले जाना पड़ा.
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिला अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं.
इलाज से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में कमी के कारण मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं. शव ले जाने के लिए सरकारी वाहन नहीं मिलना भी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.