मंगल, 20 अक्टू. 2026

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चोराबागान पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसे पर घिरी सुवेंदु सरकार

दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के चोराबागान पंडाल में दर्दनाक हादसा, भगदड़ में 19 लोगों ने गंवाई जान. ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस प्रबंधन पर उठाए सवाल, वहीं सीएम सुवेंदु अधिकारी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश.

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20 अक्टू. 2026, 12:39 PM 3 मिनट में पढ़ें 17

कोलकाता के दुर्गा पंडाल में भगदड़ में मृत
कोलकाता के दुर्गा पंडाल में भगदड़ में मृत

कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच कोलकाता के चोराबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में एक अत्यंत दर्दनाक हादसा सामने आया है. भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में कम से कम 19 श्रद्धालुओं की असमय मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इस हृदयविदारक घटना ने राज्य की सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पहली भाजपा सरकार को एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक संकट में ढकेल दिया है. उत्सव की शुरुआत में ही हुई इस त्रासदी ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.

पूजा समिति के राजनीतिक संबंधों पर गरमाई राजनीति

हादसे के तुरंत बाद राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से बढ़ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है. तृणमूल का कहना है कि पंडाल में पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था और आपातकालीन सहायता प्रणाली पूरी तरह से विफल रही. विवाद तब और गहरा गया जब पूजा समिति के पदाधिकारियों के राजनीतिक संबंध उजागर हुए. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जोरासांको से भाजपा विधायक विजय ओझा इस समिति के अध्यक्ष हैं और भाजपा नेता तमोघ्न घोष सहित मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार भी इससे जुड़े हुए हैं. तृणमूल ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है.

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सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप

घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस जारी है. तृणमूल ने सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया को असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की तुलना पूजा पंडाल में हुए प्रशासनिक कुप्रबंधन से नहीं की जा सकती. पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री पर करारा हमला बोलते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की. दूसरी तरफ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार से जुड़े दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं.

मुख्यमंत्री ने दिए न्यायिक जांच के आदेश और मुआवजे का ऐलान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वयं मोर्चा संभाला. उन्होंने देर रात ही दुर्घटनास्थल और अस्पताल का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना. सरकार ने मृतक आश्रितों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से एक वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में तथ्य-अन्वेषण जांच कराने का अनुरोध करने की बात कही है. उन्होंने वादा किया कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. इसके साथ ही, राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सभी उत्सव संबंधी कार्यक्रम रद्द कर दिए.

पुलिस और होमगार्ड की भूमिका पर खड़े हुए गंभीर सवाल

प्रशासनिक स्तर पर अपनी सफाई पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने भारी बारिश के दौरान ड्यूटी छोड़कर जाने वाले अस्थाई होमगार्डों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय नियुक्त किए गए इन होमगार्डों की लापरवाही से संकरी गली में भीड़ बेकाबू हुई और यह हादसा हुआ. हालांकि, इस तर्क को विपक्षी दलों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पुलिस प्रणाली की तीखी आलोचना की है. विपक्ष का कहना है कि मुख्य नियंत्रण कक्ष से बार-बार संपर्क करने के बावजूद तुरंत मदद नहीं पहुंची. पुलिस आम जनता की सुरक्षा के बजाय वीआईपी संस्कृति में व्यस्त रही, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा घटित हो गया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP