सूरजपुर में हाथी की संदिग्ध मौत और कांकेर में भालू के शिकारी गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जंगलों से वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक के बाद एक विचलित करने वाली खबरें सामने आ रही हैं. रायगढ़ जिले में दो हाथियों के शव मिलने के ठीक एक दिन बाद, शुक्रवार को सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में एक नर हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया है.
जानकारी के अनुसार, करंजवार गांव के एक गेहूं के खेत में करीब 15 वर्षीय हाथी मृत अवस्था में पाया गया. ग्रामीणों ने सुबह जब खेत में हाथी को बेजान पड़ा देखा, तो तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी. वन अधिकारियों के मुताबिक, यह हाथी पिछले तीन-चार दिनों से इलाके में अकेला घूम रहा था और माना जा रहा है कि यह अपने झुंड से भटक गया था.
मौके पर पहुंचे सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू और एसडीओ संस्कृति बारले ने स्थिति का जायजा लिया. प्राथमिक जांच में हाथी की सूंड पर काले निशान पाए गए हैं, जिससे बिजली का करंट लगने (इलेक्ट्रोक्यूशन) की प्रबल आशंका जताई जा रही है.
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौके पर अवैध बिजली के तारों या सीधे करंट के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं, इसलिए मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.
गौरतलब है कि बुधवार को ही रायगढ़ के घरघोड़ा रेंज में दो हाथियों की मौत करंट लगने से हुई थी, जिसके आरोप में दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. हाथियों की लगातार हो रही ये मौतें प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
जंगली भालू का शिकार
इसी बीच, प्रदेश के कांकेर जिले से वन्यजीव अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने एक जंगली भालू का शिकार करने, उसका मांस पकाकर खाने और उसकी खाल बेचने की कोशिश करने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस को 11 मार्च को गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ लोग भालू की खाल बेचने की योजना बना रहे हैं. इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कुरुशबोड़ी गांव में एक फार्म हाउस पर छापा मारा, जहाँ से लगभग 1 लाख रुपये मूल्य की सूखी हुई भालू की खाल बरामद की गई.
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपियों ने धोरकट्टा और हलंजूर गांवों के बीच वन क्षेत्र में भालू का शिकार किया था.
इसके बाद शव को एक फार्म हाउस में ले जाकर काटा गया, उसका मांस पकाया और खाया गया, जबकि खाल को बेचने के लिए सुखाया जा रहा था.
पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपियों के पास से शिकार में इस्तेमाल किए गए जाल, कुल्हाड़ी, चाकू और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है. वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है. Symbolic Photo