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केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस का संदिग्ध मामला

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11 जून 2026, 07:25 AM 4 मिनट में पढ़ें 2

निपाह वाइरस
निपाह वाइरस

तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है. यहाँ के फेरोक इलाके के रहने वाले एक 43 वर्षीय व्यक्ति में इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) के लक्षण दिखने के बाद उन्हें कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) में भर्ती कराया गया है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में की गई प्रारंभिक जांच में मरीज की रिपोर्ट निपाह पॉजिटिव आई है. 


हालांकि, संक्रमण की अंतिम पुष्टि के लिए मरीज के बॉडी फ्लूइड के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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फिलहाल मरीज की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. इससे पहले उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहाँ से बुधवार देर रात उन्हें मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में एक विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.


इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए बताया कि लक्षणों को देखते हुए इसके निपाह संक्रमण होने की पूरी आशंका है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "मरीज एक छोटा कारोबारी है, जिसने हाल ही में किराए पर एक गोदाम लेकर उसकी सफाई की थी. आशंका है कि उस इलाके में फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट्स) मौजूद थे, जो निपाह वायरस के मुख्य वाहक माने जाते हैं."


स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि मरीज पहले एक बार बुखार से ठीक हो चुका था, लेकिन दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. निजी अस्पताल के आउटपेशेंट (OP) विभाग, एमआरआई स्कैनिंग और इकोकार्डियोग्राम टेस्ट के दौरान मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था. एहतियात के तौर पर उस निजी अस्पताल के सभी स्टाफ सदस्यों को क्वारंटाइन पर जाने के निर्देश दे दिए गए हैं.


मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित व्यक्ति की गतिविधियों और रूट मैप के आधार पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है. इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने गुरुवार दोपहर चिकित्सा शिक्षा निदेशक और स्वास्थ्य सेवा निदेशक सहित शीर्ष अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है. 


गौरतलब है कि कोझिकोड जिला इससे पहले साल 2018, 2021 और 2023 में भी निपाह वायरस के प्रकोप का सामना कर चुका है, जिसके चलते प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है.


निपाह वायरस (Nipah Virus)


निपाह वायरस (Nipah Virus) एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है, जो मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलता है, यानी यह एक 'जूनोटिक' वायरस है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इस वायरस का प्राकृतिक वाहक 'टेरोपस' प्रजाति के फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट्स) होते हैं. 


यह वायरस पहली बार 1998-99 में मलेशिया और सिंगापुर में सुअर पालने वाले किसानों में देखा गया था, जहाँ सुअर इस बीमारी के माध्यमिक वाहक बने थे. इंसानों में यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों या सुअरों के सीधे संपर्क में आने, उनके द्वारा दूषित किए गए फल (जैसे चमगादड़ के खाए हुए खजूर या ताड़ी) का सेवन करने, या फिर किसी संक्रमित मरीज के शरीर के तरल पदार्थ (थूक, खून या लार) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है.


यह वायरस इंसानों के लिए अत्यंत घातक माना जाता है. इससे संक्रमित होने पर मृत्यु दर (Mortality Rate) बहुत अधिक होती है, जो करीब 40% से लेकर 75% तक हो सकती है, जो कि कोरोना जैसे वायरस की तुलना में कहीं ज्यादा जानलेवा है. 


संक्रमण के बाद मरीज में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण दिखते हैं. गंभीर मामलों में यह वायरस सीधे दिमाग पर हमला करता है, जिससे मरीज को 'इंसेफेलाइटिस' (दिमागी बुखार) हो जाता है. इसके कारण मरीज मानसिक भ्रम की स्थिति में चला जाता है, उसे दौरे पड़ सकते हैं और महज 24 से 48 घंटों के भीतर वह कोमा में जा सकता है.


वर्तमान में निपाह वायरस के इलाज के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या पूरी तरह प्रभावी टीका (वैक्सीन) उपलब्ध नहीं है. इसका उपचार मुख्य रूप से 'सिम्पटोमैटिक' और 'सपोर्टिव केयर' पर निर्भर करता है, यानी मरीज में दिखने वाले लक्षणों (जैसे बुखार, दर्द या सांस की तकलीफ) को कम करने की दवाएं दी जाती हैं और स्थिति गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर या आईसीयू सपोर्ट पर रखा जाता है.


 इससे बचाव का एकमात्र तरीका सावधानी है. जैसे कि बीमार चमगादड़ों या सुअरों के संपर्क से दूर रहना, पेड़ों से गिरे या आंशिक रूप से खाए गए फलों को न खाना, खजूर के रस को उबालकर पीना, और संक्रमित मरीजों की देखभाल करते समय पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स का अनिवार्य रूप से उपयोग करना.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP