सूरजपुर: अवैध खनन के दौरान दो मजदूरों की दर्दनाक मौत
सूरजपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में लान्ची गांव में क्रेशर कार्य के लिए पत्थर निकालने के दौरान मिट्टी और एक विशालकाय चट्टान ढह गई. इस हादसे में वहां काम कर रहे दो मजदूरों की मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और मातम का माहौल है.
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक मजदूर लंबे समय से इस क्षेत्र में बोल्डर निकालने का काम कर रहे थे. ग्रामीणों ने उन्हें पहले भी कई बार चेतावनी दी थी कि इस तरह से असुरक्षित और अवैध खनन करना जानलेवा साबित हो सकता है और कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है.
हालांकि, मजदूरों ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और काम जारी रखा, जिसका नतीजा इस भीषण हादसे के रूप में सामने आया.
जैसे ही चट्टान खिसकने और मजदूरों के दबने की खबर फैली, घटनास्थल पर भारी चीख-पुकार मच गई. आस-पास के ग्रामीण और प्रत्यक्षदर्शी तुरंत मदद के लिए दौड़े.
ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद मलबे, मिट्टी और भारी पत्थरों को हटाना शुरू किया. लेकिन जब तक दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है.
सूरजपुर के तहसीलदार सूर्यकांत राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा "इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस क्षेत्र में किसके संरक्षण और शह पर यह अवैध खनन का खेल चल रहा था."
इस हादसे ने एक बार फिर सूरजपुर जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन के काले कारोबार और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस प्रशासन अब इस अवैध खदान के संचालकों और इसमें संलिप्त मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गया है.