रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

SC: सहमति वाले रिश्तों को आपराधिक रंग देना चिंताजनक, FIR रद्द

C

CG Khabar

06 फ़र. 2026, 01:52 AM 1 मिनट में पढ़ें 1

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । डेस्क: उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 'शादी के झूठे वादे' पर आधारित बलात्कार की एक प्राथमिकी (FIR) को रद्द कर दिया है. न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के उस आदेश को पलट दिया, जिसने कार्यवाही रोकने से इनकार कर दिया था. 


शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला स्पष्ट रूप से एक सहमति वाले रिश्ते के कड़वाहट में बदलने का है, न कि बलात्कार का.

विज्ञापन


कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों वकील हैं, और महिला पहले से ही विवाहित थी जिसका तलाक का मामला लंबित था. 


पीठ ने स्पष्ट किया कि जब महिला कानूनी रूप से दूसरी शादी के लिए पात्र ही नहीं थी, तो शादी के झांसे में आने की बात स्वीकार करना कठिन है. 


न्यायालय ने आगाह किया कि टूटते रिश्तों को आपराधिक रंग देने की बढ़ती प्रवृत्ति 'परेशान करने वाली' है और ऐसे मामलों में राज्य मशीनरी का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए. 


कोर्ट के अनुसार, एक शिक्षित वयस्क को अपने व्यक्तिगत निर्णयों में विवेक का उपयोग करना चाहिए और केवल भविष्य में मन बदलने या विवाद होने पर उसे अपराध की श्रेणी में नहीं लाना चाहिए.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP