SC: अगली गाड़ी से दूरी न रखना 'लापरवाही', ड्राइवर पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली । डेस्क: सड़क हादसों में जिम्मेदारी तय करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चालक अपने आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी नहीं बनाए रखता है और टक्कर हो जाती है, तो इसे 'लापरवाही से गाड़ी चलाना' माना जाएगा. ऐसे मामलों में चालक को न केवल कानूनी अभियोजन का सामना करना होगा, बल्कि वह मुआवजे के लिए भी उत्तरदायी होगा.
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए 'रोड रेगुलेशन नियम, 1989' के नियम 23 का हवाला दिया. कोर्ट ने कहा कि सड़क पर चलते समय हर चालक को यह मानकर चलना चाहिए कि आगे वाला वाहन कभी भी अचानक ब्रेक लगा सकता है. इसलिए, दोनों वाहनों के बीच इतना सुरक्षित अंतर होना अनिवार्य है कि आपात स्थिति में पीछे वाली गाड़ी को नियंत्रित किया जा सके.
यह मामला 19 मई 2013 की एक दुर्घटना से जुड़ा है, जहाँ एक ट्रक ने आगे चल रहे ट्रेलर को पीछे से टक्कर मार दी थी. इस हादसे में ट्रक के क्लीनर को गंभीर चोटें आई थीं. निचली अदालत (MACT) ने ट्रक ड्राइवर को दोषी माना था, लेकिन हाई कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए आगे चल रहे ट्रेलर की गलती बता दी थी.
अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बहाल कर दिया है.
कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर पाया कि दुर्घटना के वक्त ट्रक और ट्रेलर के बीच केवल 20 फीट की दूरी थी, जबकि 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर यह दूरी कम से कम 40-50 फीट होनी चाहिए थी.
ट्रक क्लीनर की गवाही को आधार बनाते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि पर्याप्त दूरी रखी गई होती, तो हादसा टाला जा सकता था. इस फैसले के बाद अब बीमा कंपनियों और वाहन चालकों के लिए सुरक्षित दूरी के नियमों का पालन करना कानूनी रूप से और भी अनिवार्य हो गया है.