कच्चा मकान ढहने से छात्र की मौत, दादी घायल
बस्तर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में बारिश के कहर ने एक और जान ले ली. बीती रात को एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से 14 साल के एक छात्र की मौत हो गई.
इस हादसे में छात्र की दादी गंभीर रूप से घायल हो गई है. उसे गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उपचार जारी है.
घटना बस्तर जिले के नानगुर थाना क्षेत्र के अलनार गांव की है. चार कमरे के कच्चे घर में परिवार के 10 सदस्य सो रहे थे.
रात करीब ढाई बजे अचानक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई. दीवार ढहने से मलबे में छात्र लोकेश नाग और उसकी दादी चंपा नाग नीचे दब गए.
हादसे में बाल-बाल बचे परिजनों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी. तत्काल ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे दोनों को बाहर निकाला.
मलवा हटाने में काफी समय लग गया, तब तक लोकेश की मौत हो चुकी थी. जबकि दादी चंपा गंभीर रूप से घायल हो गईं हैं. उन्हें कमर पर गंभीर चोटें आईं हैं.
बताया गया कि लोकेश कक्षा 8वीं का छात्र था. वह पढ़ाई में काफी तेज था. उसकी अचानक मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर है.
घटना की सूचना सुबह नानगुर पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजवाया.
लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के चलते परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा. मजबूरन शव को डिमरापाल अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया.
घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित परिवार ने कई बार पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया है, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिलता है, पर मकान नहीं मिला.
ग्रामीणों ने बताया कि इनके अलावा गांव के कई और गरीब परिवार अब भी कच्चे और जर्जर मकानों में रह रहे हैं. उन्हें भी आवास नहीं मिला है.
ग्रामीणों का कहना है कि अगर घर पक्का होता तो यह दुर्घटना टल सकती थी और उनके पोते की जान बच जाती. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा और पक्के आवास की मांग की है.