शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे
मुंबई । डेस्क: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को 'ब्लैक वेडनेसडे' जैसा नजारा देखने को मिला, जहाँ चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी धराशायी हो गए. ईरान-इजरायल युद्ध के भीषण रूप लेने और अमेरिका के इसमें सीधे शामिल होने की खबरों ने वैश्विक निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है.
बुधवार कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,710 अंकों की भारी गिरावट के साथ 78,529 के स्तर पर आ गया, जो पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर है.
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 477 अंकों की गिरावट के साथ 24,389 पर ट्रेड करता दिखा. इस जबरदस्त गिरावट के कारण महज कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 7.93 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है.
बाजार में इस कोहराम के पीछे चार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. पहला कारण मध्य पूर्व में युद्ध का गंभीर होना है, जहाँ ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत और जवाबी हमलों ने अस्थिरता बढ़ा दी है.
दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग है. स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के बंद होने से ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के पार निकल गया है, जिससे भविष्य में इसके 100 डॉलर तक पहुँचने की आशंका है.
तीसरा बड़ा कारण भारतीय रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर 92.05 पर गिरना है, जिसने विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
चौथा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया है.
जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव तीन-चार हफ्तों तक जारी रहा, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति और विकास दर का गहरा दबाव बढ़ सकता है, हालांकि लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को खरीदने का मौका भी हो सकती है.