इमरान खान से मिलीं बहन नोरिन, SC ने दिया शिफा अस्पताल ट्रांसफर का आदेश
नई दिल्ली । डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद अदियाला जेल में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है. अदालत के आदेश के बाद इमरान खान की बहन नोरिन नियाजी ने मंगलवार को जेल पहुंचकर अपने भाई से मुलाकात की. लगभग नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई यह मुलाकात महज 15 मिनट ही चल सकी.
इस दौरान नोरिन ने इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इलाज के लिए स्थानांतरित करने के निर्देश की जानकारी दी, साथ ही उनकी सेहत और चल रहे कानूनी मामलों पर चर्चा की.
अदालत में दी गई प्रतिबद्धता के तहत नोरिन ने जेल से बाहर आकर मीडिया से सीधी बात नहीं की और अपनी बहनों अलीमा खान और उजमा खान के साथ रवाना हो गईं. इसी दौरान इमरान खान की अपनी पत्नी बुशरा बीबी से भी करीब 35 मिनट तक मुलाकात हुई.
अदालत का फैसला: हफ्ते में एक बार मुलाकात और विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज
जस्टिस शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट पीठ ने इमरान खान की सेहत, पारिवारिक पहुंच और निजी डॉक्टरों की सुविधा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया. पीठ ने स्पष्ट किया कि जेल में बंद कैदी से परिवार की मुलाकात कोई रियायत या मेहरबानी नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है.
कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इमरान खान को तुरंत शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित किया जाए और हफ्ते में एक बार परिवार से मिलने की व्यवस्था की जाए. इसके अलावा, खान के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और उनके व्यक्तिगत चिकित्सक को शामिल करते हुए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने को भी कहा गया है.
हालांकि, शीर्ष अदालत ने यह शर्त भी रखी कि पीटीआई प्रतिनिधि इस राहत या स्वास्थ्य स्थिति का इस्तेमाल किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या मीडिया बयानबाजी के लिए नहीं करेंगे.
पीटीआई ने फैसले का किया स्वागत, परिवार ने जताई खुशी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान खान की बहन अलीमा खान ने खुशी जताई और कहा कि महीनों की अनिश्चितता के बाद परिवार को राहत मिली है. हालांकि, उन्होंने माहौल में किसी बड़े बदलाव की संभावना पर सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं.
दूसरी ओर, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने अदालत के हस्तक्षेप की सराहना की और इसे एक न्यायसंगत निर्णय करार दिया. अफरीदी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य रिपोर्टों से साफ है कि जेल में इमरान खान का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ा है, जबकि पीटीआई फरवरी से ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की मांग कर रही थी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी न्यायपालिका के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी और खान की सेहत पर राजनीति नहीं करेगी.