बिना देखे वंदे मातरम गाकर दिखाएं- भूपेश बघेल
रायपुर । संवाददाता: केरल विधानसभा में वंदे मातरम के संक्षिप्त संस्करण (शॉर्ट वर्जन) को बजाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूरी तरह गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर तीखा हमला बोला है.
बघेल ने सीएम साय को चुनौती देते हुए कहा कि वह बिना कागज में पढ़े पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाएं. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेता अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत नहीं गाते हैं.
रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगान (जन गण मन) और राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) दोनों पूरे सम्मान के साथ गाए जाते हैं, जबकि भाजपा के आयोजनों में ऐसा नहीं होता.
बघेल ने कहा, "वंदे मातरम पर लंबे समय से लोकसभा में भी चर्चा होती रही है. विष्णु देव साय को पहले अपने मंत्रियों से वंदे मातरम गाने को कहना चाहिए. मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे बिना पढ़े इसे गाकर सुनाएं."
भूपेश बघेल का यह बयान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने केरल विधानसभा के विवाद पर विपक्ष को घेरा था.
सीएम साय ने शुक्रवार को कहा था कि देश की जनता उन लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगी जो वंदे मातरम का अपमान करते हैं, 'भारत माता की जय' कहने से बचते हैं या भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि ऐसे लोगों की आज क्या स्थिति है, यह सब देख रहे हैं.
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब केरल विधानसभा के इतिहास में पहली बार कार्यवाही की शुरुआत वंदे मातरम से की गई. हालांकि, पुलिस बैंड द्वारा इसका केवल शुरुआती हिस्सा ही इंस्ट्रूमेंटल रूप में बजाया गया. इस पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गीत की पूर्णता और प्रारूप को लेकर आपत्ति जताई.
इसी राजनीतिक खींचतान के बीच अब छत्तीसगढ़ में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.