बांग्लादेश लौटें शेख हसीना, अवामी लीग से हटे बैन- तसलीमा नसरीन
कोलकाता । डेस्क: निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके देश लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में सामाजिक सुधारक बेगम रोकिया की मजार पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नसरीन ने कहा कि लोकतंत्र का तकाजा है कि सभी राजनीतिक दलों को गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिले.
इसलिए हसीना की पार्टी अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध भी तुरंत हटाया जाना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में हिंसक छात्र प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हो गया था, जिसके बाद से वह भारत में शरण लिए हुए हैं.
अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत उनकी पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया था. नसरीन ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है. हालांकि, उन्होंने जमात-ए-इस्लामी पर बैन का समर्थन करते हुए कहा कि शरिया आधारित नीतियां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ हैं.
तसलीमा नसरीन ने उपमहाद्वीप में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की पुरजोर वकालत की. उन्होंने कहा कि धर्म-आधारित पर्सनल लॉ के कारण महिलाओं, विशेषकर बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं, को भेदभाव का सामना करना पड़ता है. समान नागरिक कानून ही महिलाओं को बराबरी का अधिकार दे सकता है.
नसरीन ने बांग्लादेश में बढ़ते धार्मिक कट्टरवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के लिए बड़ा खतरा बताया. खुद 1994 से निर्वासन झेल रहीं नसरीन ने अपनी स्वदेश वापसी की इच्छा भी जताई.