वैश्विक स्तर यूरिया की कीमतों में भारी गिरावट, भारत को मिलेगी राहत
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक स्तर पर बढ़े यूरिया के दामों में अब बड़ी गिरावट आई है. भारत अब लगभग आधी कीमत पर यूरिया का आयात करने जा रहा है, जिससे देश के उर्वरक सब्सिडी बिल पर बढ़ते दबाव को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी.
नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) द्वारा 27 मई को जारी किए गए 1.7 मिलियन टन यूरिया के टेंडर में $444 से $605 प्रति टन के बीच बोलियां मिली हैं. यह पिछली खरीद कीमत ($959 प्रति टन) के मुकाबले बेहद कम है. इस टेंडर में तीन दर्जन से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया है.
कीमतों में आई यह कमी चीन द्वारा निर्यात कोटा जारी करने और वैश्विक बाजार में यूरिया की उपलब्धता बढ़ने के कारण देखी जा रही है.
भारत दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयातक है, और देश के कुल उर्वरक उपयोग में यूरिया की हिस्सेदारी करीब 45% है. जून के अंत में खरीफ सीजन की बुआई के समय इसकी समय पर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है.
सरकार किसानों को भारी सब्सिडी पर यूरिया देती है, इसलिए वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ता है.
चालू वित्त वर्ष के लिए उर्वरक सब्सिडी बिल पहले ही बजट अनुमान ₹1.77 लाख करोड़ से अधिक होने की आशंका है, ऐसे में सस्ते आयात से सरकार को बड़ी राहत मिलेगी.
दूसरी ओर, सरकार ने खरीफ सीजन के लिए यूरिया की जरूरत का अनुमान 19.4 मिलियन टन से घटाकर 19 मिलियन टन कर दिया है और मिट्टी की सेहत को बचाने के लिए किसानों से रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करने की अपील भी की है. File Photo.