शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

बस्तर में सुरक्षा बलों ने तीन माओवादी स्मारक ध्वस्त किया

C

CG Khabar

27 अक्टू. 2025, 03:01 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

सुरक्षा बल
सुरक्षा बल

रायपुर । संवाददाता: नक्सली शहीद सप्ताह की शुरुआत से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने तीन माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर नक्सलियों के प्रचार अभियान को झटका दिया. इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन के कमांडेंट राजीव कुमार और इंस्पेक्टर नरेश सलाम ने किया, जबकि सीनियर आईपीएस अधिकारियों आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, डीआईजी राकेश चौधरी, एसपी गौरव राय, एएसपी उदित पुष्कर तथा एएसपी रामकुमार बर्मन के निर्देशन में यह कार्रवाई अंजाम दी गई.


बस्तर और दंतेवाड़ा पुलिस रेंज तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त कमान के तहत 26 जुलाई की सुबह शुरू हुए इस अभियान में मलेवाही, पुसपाल और काहचेन्नार गांवों में तलाशी ली गई. इन स्थानों पर मारे गए माओवादी कैडरों- सीसीएम आनंद उर्फ सुदर्शन कार्तम, डिप्टी कमांडर रामसू कोर्राम, जयमान तथा संनिता- की याद में बनाए गए तीन स्मारकों की पहचान की गई. 

विज्ञापन


दो स्मारक लकड़ी के बने थे, जबकि एक सीमेंट और पत्थर से निर्मित था. कुल्हाड़ियों और हथौड़ों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया.


ये स्मारक भाकपा (माओवादी) द्वारा 28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले वार्षिक शहीद सप्ताह के दौरान नक्सलियों द्वारा स्थानीय प्रभाव बढ़ाने और हौसला अफजाई के लिए उपयोग किए जाते हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य माओवादियों की दृश्यता और मनोवैज्ञानिक प्रभाव को कम करना है. 


दंतेवाड़ा के संवेदनशील इलाकों में राज्य की मजबूत उपस्थिति दर्ज करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों से जुड़ाव को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.


काहचेन्नार गांव में ग्रामीणों से संपर्क स्थापित करने के दौरान स्थानीय लोगों ने कानून व्यवस्था का समर्थन जताया और विकास कार्यों को तेज करने की मांग की. 

अधिकारियों ने बताया कि यह बातचीत राज्य की रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है, जहां सैन्य कार्रवाइयों के साथ-साथ नागरिक विश्वास और विकास पर फोकस बढ़ाया जा रहा है.


अभियान के बाद सुरक्षाबल सुरक्षित रूप से अपने ठिकाने लौट चुके हैं, लेकिन नक्सली संगठन की वार्षिक गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है. बढ़ी हुई गश्त, संरचनाओं का विध्वंस तथा खुफिया जानकारी संग्रह के माध्यम से प्रशासन दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटा हुआ है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP