वैज्ञानिकों ने खोजा मस्तिष्क का रहस्यमयी नक्शा
नई दिल्ली । डेस्क: हावर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मानव मस्तिष्क के एक घन मिलीमीटर हिस्से का नक्शा तैयार किया है, जो एक चावल के दाने के आधे हिस्से के बराबर है. दस साल की गहन शोध के बाद, वैज्ञानिकों ने इस छोटे से हिस्से में एक पूरे ‘ब्रह्मांड’ जैसी जटिलता देखी है, जिसने उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया है.
हावर्ड के लिचमैन लैब के शोधकर्ताओं ने मिर्गी से पीड़ित एक व्यक्ति के मस्तिष्क के टेम्पोरल कॉर्टेक्स से इस छोटे से हिस्से को एकत्र किया. टेम्पोरल कॉर्टेक्स मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो सेरेब्रल कॉर्टेक्स का एक हिस्सा है. शोधकर्ताओं ने पाया कि इस एक घन मिलीमीटर हिस्से में लाखों तंत्रिका संधियां (सिनैप्स) और रक्त वाहिकाएं मौजूद हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क की संरचना उनकी सोच से कहीं अधिक जटिल और संगठित है.
लिचमैन लैब के प्रमुख शोधकर्ता जेफ लिचमैन, जो पिछले 20 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, इस छोटे से हिस्से की संरचना देखकर हैरान हैं. उन्होंने खोजा कि दो तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) के बीच एक नहीं, बल्कि कई कनेक्शन हो सकते हैं. पहले यह जानकारी वैज्ञानिकों को नहीं थी.
इसे सरल शब्दों में समझाने के लिए जेफ ने बताया कि अगर तंत्रिका कोशिकाओं को घर मानें, तो दो घरों के बीच संपर्क के लिए एक फोन लाइन होनी चाहिए. लेकिन मस्तिष्क में ऐसा देखा गया कि दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच 50 फोन लाइनों जैसी तंत्रिका संधियां हो सकती हैं.
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इतने शक्तिशाली कनेक्शन त्वरित प्रतिक्रिया (रिफ्लेक्स) के संकेत भेजने या बहुत तेजी से जवाब देने के लिए हो सकते हैं. यानी जब बहुत तेजी से प्रतिक्रिया देने की जरूरत होती है, तब एक तंत्रिका कोशिका से दूसरी कोशिका तक 50 तंत्रिका संधियों के जरिए संकेत भेजे जाते हैं.
वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि प्रत्येक तंत्रिका कोशिका के साथ दो ग्लिया या ‘सहायक कोशिकाएं’ होती हैं. ये कोशिकाएं रखरखाव का काम करती हैं, जैसे क्षतिग्रस्त ऊतकों, कोशिका के टुकड़ों या रोगजनकों को हटाना, ताकि तंत्रिका कोशिकाएं बेहतर ढंग से काम कर सकें.
मानव मस्तिष्क का नक्शा बनाने की कोशिशें दो हजार साल से चल रही हैं. माना जाता है कि ईसा से 300 साल पहले, अलेक्जेंड्रिया में हेरोफिलस और इरासिस्ट्रेटस ने सबसे पहले मस्तिष्क के सेरेब्रम और सेरेबेलम के बीच अंतर बताया था. उन्होंने मस्तिष्क के अंदर की संरचना को समझने की शुरुआत की थी.