शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

SC ने संभल हिंसा के मुख्य आरोपी पर से हटाया NSA, यूपी सरकार पर 10 लाख जुर्माना

C

CG Khabar

29 सित. 2026, 08:15 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के संभल हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मुल्ला अफ़रोज़ की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई निवारक हिरासत (प्रिवेंटिव डिटेंशन) को खारिज कर दिया है. शीर्ष अदालत ने न केवल अफ़रोज़ की हिरासत के आदेश को रद्द किया, बल्कि इस मामले में ढिलाई और नियमों के उल्लंघन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया.


जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि केवल पुलिस हिरासत में दिए गए कबूलनामे के आधार पर किसी व्यक्ति को एनएसए जैसी सख्त धारा में हिरासत में नहीं लिया जा सकता. 


अदालत ने कहा कि हिरासत का आदेश जारी करते समय आसपास की परिस्थितियों और अन्य प्रासंगिक सामग्रियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिसका पालन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नहीं किया गया था.


यह मामला नवंबर 2024 में संभल के शाही जामा मस्जिद के अदालती सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. 


घटना के करीब 54 दिन बाद गिरफ्तार किए गए अफ़रोज़ को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले ही ज़मानत मिल चुकी थी. 


हालांकि, बाद में संभल के जिला मजिस्ट्रेट ने एनएसए के तहत उनकी हिरासत का आदेश दिया था, जिसे हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.


सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और जिला प्रशासन के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया और स्पष्ट किया कि निवारक हिरासत की शक्ति का दुरुपयोग कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP