रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया 14 दिन की रिमांड पर

C

CG Khabar

19 दिस. 2025, 01:23 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

सौम्या चौरसिया
सौम्या चौरसिया

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में PMLA कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को भी गिरफ्तार किया है. ईडी ने निरंजन दास को शुक्रवार को प्रोडक्शन रिमांड पर कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से कोर्ट में पेश किया, जहां एजेंसी ने उनकी कस्टोडियल रिमांड की मांग की. ईडी का कहना है कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, क्योंकि सौम्या चौरसिया से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं.


ईडी ने सौम्या चौरसिया को पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयानों के आधार पर गिरफ्तार किया है. एजेंसी को सौम्या चौरसिया, रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर व चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स से भी कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं.

विज्ञापन


ईडी के अनुसार, एसीबी/ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई. जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा और करीब 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई हुई.


ईडी की जांच में यह भी पाया गया कि सौम्या चौरसिया को लगभग 115.5 करोड़ रुपये की अवैध आय प्राप्त हुई थी. डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त सामग्री और लिखित बयानों के रूप में एकत्र किए गए सबूतों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं. एजेंसी का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य अनिल टुटेजा और चैतन्य बघेल सहित सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के बीच उनकी केंद्रीय समन्वयकर्ता और मध्यस्थ की भूमिका की पुष्टि करते हैं, जिससे अवैध धन के सृजन और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा मिला. बरामद चैट्स से यह भी संकेत मिलता है कि सिंडिकेट के शुरुआती गठन में उनकी अहम भूमिका रही, जिसमें अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कराने में मदद शामिल है.


इस मामले में ईडी पहले ही अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लो, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा और चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर चुकी है. एजेंसी ने आगे की जांच जारी रहने की बात कही है.


बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परगनिया ने आरोप लगाया कि ईडी ने पूछताछ के नाम पर सौम्या चौरसिया को जोनल ऑफिस बुलाया और शाम करीब 5.30 बजे अवैध तरीके से गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा कि बिना मजिस्ट्रेटी जांच के ही कथानक और रकम में बदलाव किया गया. कोर्ट ने उन्हें दो दिन की रिमांड पर भेजा था और शुक्रवार दोपहर 3.30 बजे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा.


इधर, रायपुर कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि 11 महीनों में पहली बार उन्हें कोर्ट लाया गया है. उन्होंने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें बीपी, शुगर और हृदय संबंधी बीमारियां हैं. विधानसभा सत्र चल रहा है, लेकिन वे उसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने इलाज के लिए बाहर ले जाने की अनुमति मांगी और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है.


गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया को इससे पहले 2 दिसंबर 2022 को कोल लेवी घोटाले में ईडी ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में वे करीब ढाई साल जेल में रहीं और पिछले छह महीनों से सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर थीं. जमानत मिलने के छह महीने बाद ईडी ने उन्हें शराब घोटाले में दूसरी बार गिरफ्तार किया है.


सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाले में ईडी और ईओडब्ल्यू पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं. इसके अलावा डीएमएफ घोटाले और 49 करोड़ रुपये से अधिक आय से जुड़े मामलों में भी ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी. अब तक वे चार अलग-अलग घोटालों में जेल जा चुकी हैं और करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में यह उनकी दूसरी गिरफ्तारी है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP