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सबसे ज्यादा भारतीयों को सऊदी अरब ने निकाला

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28 दिस. 2025, 09:15 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

निष्कासन
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नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अवैध आव्रजन के खिलाफ सख्त कदमों की वजह से भारतीयों को बड़े पैमाने पर वापस भेजे जाने की चर्चा तेज है. लेकिन सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में भारतीय नागरिकों को सबसे ज्यादा जिस देश से निष्कासित किया गया है, वह अमेरिका नहीं बल्कि सऊदी अरब है.


केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 2021 से 2025 के बीच सऊदी अरब ने सबसे अधिक भारतीय नागरिकों को देश से बाहर किया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, रियाध स्थित भारतीय मिशन के आंकड़ों में सामने आया है कि 2021 में 8,887, 2022 में 10,277, 2023 में 11,486, 2024 में 9,206 और 2025 में अब तक 7,019 भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब से भारत भेजा गया.

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इसके मुकाबले अमेरिका से निर्वासित भारतीयों की संख्या काफी कम रही है. अमेरिकी भारतीय मिशन के अनुसार, बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक भारतीयों को वॉशिंगटन से लौटाया गया. 2021 में 805, 2022 में 862, 2023 में 617, 2024 में 1,368 और 2025 में अब तक 3,414 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत भेजा गया. 


इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, अटलांटा, ह्यूस्टन और शिकागो से भी भारतीयों को वापस भेजा गया, हालांकि इन शहरों से संख्या आमतौर पर 500 से कम रही.


सऊदी अरब और अमेरिका के अलावा मलेशिया, म्यांमार, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों से भी भारतीय नागरिकों को निष्कासित किया गया है. ज्यादातर मामलों में वीजा की अवधि समाप्त होने, वर्क परमिट की वैधता खत्म होने या स्थानीय श्रम कानूनों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की गई.


भारत और सऊदी अरब के बीच रिश्ते सामान्य रूप से मित्रतापूर्ण माने जाते हैं. हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान सऊदी अरब ने मध्यस्थता की पहल भी की थी.


हालांकि बाद में पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब के एक रक्षा समझौते को लेकर चर्चा हुई, जिस पर सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य भारत के खिलाफ नहीं है.


सरकारी आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अवैध प्रवास और वीजा उल्लंघन जैसे मामलों में खाड़ी देशों की सख्ती लगातार बनी हुई है, जबकि अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है.

(Symbolic Photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP