सूरजपुर: SECL की बंद खदान की झील में डूबने से किशोर की मौत
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव में होली के त्यौहार के दौरान एसईसीएल की बंद पड़ी खदान की झील में डूबने से 15 वर्षीय किशोर विकास ठाकुर की जान चली गई. गुरुवार सुबह रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला.
घटनाक्रम के अनुसार, भटगांव की बी-टाइप कॉलोनी का निवासी विकास बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे परिजनों को बताए बिना घर से निकला था. देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. मोबाइल पर कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचित किया गया.
पुलिस की साइबर टीम ने जब मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, तो उसकी मौजूदगी एसईसीएल की 'नीली झील' के पास मिली. मौके पर पहुंचने पर पुलिस को झील के किनारे विकास के कपड़े बरामद हुए और पानी में एक शव दिखाई दिया, लेकिन रात के अंधेरे और झील की गहराई के कारण कल शव निकाला नहीं जा सका था.
गुरुवार सुबह सूरजपुर डीडीआरएफ और एसईसीएल की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने अभियान शुरू किया और सुबह 11 बजे किशोर का शव बरामद किया.
अंदेशा जताया जा रहा है कि विकास अपने कुछ साथियों के साथ नहाने गया होगा और पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण हादसे का शिकार हो गया. मृतक विकास अपनी मां के साथ रहता था और एक चाट-फुल्की की दुकान में हाथ बंटाकर परिवार की मदद करता था.
इस दर्दनाक हादसे ने एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है क्योंकि खनन के बाद छोड़ी गई इन खदानों में न तो घेराबंदी की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है. पानी भर जाने से ये खदानें 'डेथ ट्रैप' बन चुकी हैं. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.