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सक्ती वेदांता ब्लास्ट: विधानसभा में मंत्री के उत्तर में अनिल अग्रवाल का नाम नहीं

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13 जुल. 2026, 06:41 PM 3 मिनट में पढ़ें 5

अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल

रायपुर । सीजीखबर डेस्क: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर में 14 अप्रैल 2026 को ब्लास्ट हुआ था. जिसमें 20 मजदूरों की मौत हो गई थी. तथा 16 मजदूर घायल हुये थे. बाद में मौत का आंकड़ा बढ़कर 25 हो गया.


जांच में प्रथम दृष्टया प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. पुलिस ने अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. सभी के खिलाफ लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था.

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घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर श्रम कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.


इस एफआईआर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एफआईआर सावर्जनिक नहीं किए जाने पर सवाल खड़े किए. पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में पोस्ट किया, ‘सूचना है कि सक्ती में 20 लोगों की दर्दनाक मौत पर एफ़आईआर हो गई है‌. लेकिन सरकार इस एफ़आईआर को सार्वजनिक नहीं कर रही है. प्रदेश की जनता को जानने का हक़ है कि किनके ख़िलाफ़ किन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है. पहले इसी वेदांता कंपनी में हुए हादसे में तकरीबन 40 लोगों की मौत हुई थी. पर तत्कालीन भाजपा सरकार ने लीपा-पोती कर दी थी. कंपनी के मालिकों और ठेकेदार को रमन सरकार ने बचा लिया था. ऐसा अबकी बार नहीं होना चाहिए. चाहे कोई कितना भी बड़ा हो, कार्रवाई होनी ही चाहिए.’


छत्तीसगढ़ विधानसभा के चालू सत्र में विधायक बालेश्वर साहू ने 14 जुलाई 2026 के प्रश्नों में इससे संबंधित सवाल किया है. जिसका लिखित जवाब वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने दिया है. इसे छत्तीसगढ़ विधानसभा के पोर्टल में 14 जुलाई 2026 के प्रश्नोंतरी में देखा जा सकता है.


बालेश्वर साहू के सवाल के (ख) में पूछा गया है- औद्योगिक दुर्घटनाओं के मुख्य दोषी कौन-कौन है? उनके नाम व पते क्या हैं? उनके विरुद्ध 15 जून, 2026 तक क्या कार्यवाही की गई है?


मंत्री महोदय द्वारा दिये गये लिखित जवाब में कहा गया है- कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रावधानानुसार कारखाने में घटित दुर्घटना के लिये कारखाने के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक जिम्मेदार हैं. कारखाने के अधिभोगी का नाम श्री अरुण मिश्रा, पता- डी 8,अम्बवगढ़, द जूनियर स्टडी स्कूल, गिरवा, उदयपुर, राजस्थान, पिन कोड 313001 है तथा कारखाना प्रबंधक का नाम देवेन्द्र कुमार पटेल, पता-मकान क्रमांक-22, स्प्रिंग वैली कालोनी, ढिमरापुर से कोतरा बाइपास रोड, फ्रेंड्स कालोनी के सामने, रायगढ़, जिला-रायगढ़ (छग) पिन कोड 496001 है. दुर्घटना जांच में पाये गये कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के उल्लंघन हेतु कारखाने के अधिभोगी श्री अरुण मिश्रा एवं कारखाना प्रबंधक श्री देवेन्द्र कुमार पटेल के विरुद्ध माननीय श्रम न्यायालय, जांजगीर में दिनांक 27.06-2026 अभियोजन दायर किया गया है जो कि माननीय न्यायालय में विचाराधीन है.


जाहिर है कि वेदांता ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम घटित दुर्घटना के जिम्मेदार लोगों में नहीं है तथा माननीय श्रम न्यायालय में उनके खिलाफ कोई अभियोजन दायर नहीं किया गया है. जबकि एफआईआर में उनका नाम शामिल होने की खबरें थी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP