महानदी ट्रिब्यूनल को सौंपा गया नदी प्रवाह का डेटा, अगली सुनवाई 30 को
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद मामले में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के समक्ष एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. इस दौरान दोनों राज्यों ने ट्रिब्यूनल के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए मानसून और गैर-मानसून सीजन के दौरान नदी के जल प्रवाह से संबंधित विस्तृत आंकड़े पेश किए.
विवाद का मुख्य केंद्र छत्तीसगढ़ द्वारा नदी के ऊपरी हिस्से में बांधों और बैराजों का निर्माण है. ओडिशा का आरोप है कि इन निर्माणों के कारण निचले इलाकों में पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे विशेष रूप से शुष्क मौसम में पानी की भारी किल्लत हो रही है.
ओडिशा के कई क्षेत्रों में नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है, जिससे सिंचाई और पारिस्थितिकी संतुलन पर बुरा असर पड़ा है.
हालांकि ओडिशा इस मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए बातचीत का समर्थन कर रहा है और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर बातचीत शुरू नहीं हो सकी है.
ट्रिब्यूनल ने अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने की 30 तारीख को तय की है. उम्मीद जताई जा रही है कि डेटा प्रस्तुतीकरण के बाद अब यह विवाद समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगा.