ईरान में स्कूलों पर बढ़ते हमले: अब तक 181 बच्चों की मौत
तेहरान । डेस्क: ईरान की राजधानी तेहरान के नीलोफर स्क्वायर स्थित एक प्राथमिक विद्यालय पर हालिया अमेरिकी-इजरायली हमलों में बमबारी की गई है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए शहीद हमेदानी स्कूल पर हुए इस हमले की पुष्टि की.
हालांकि, इस घटना में हताहतों की संख्या का अभी विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है. यदि इसकी पुष्टि हो जाती है, तो युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में निशाना बनाया गया यह चौथा स्कूल होगा.
इससे पहले, दक्षिण ईरान के मीनाब शहर में शजरे तैयबा गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले ने दुनिया को झकझोर दिया था, जहाँ संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार 160 बच्चों और पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी.
इजरायली सूत्रों ने दावा किया था कि यह स्थान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के बेस का हिस्सा था, लेकिन अल जजीरा की डिजिटल जांच ने उपग्रह इमेजरी के आधार पर इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि स्कूल पिछले 10 वर्षों से सैन्य स्थल से पूरी तरह अलग था.
इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं और प्रारंभिक रूप से अमेरिकी सेना को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने वाशिंगटन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की अपील की है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके.
गौरतलब है कि गुरुवार को भी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित परंद शहर के दो स्कूलों पर मिसाइलें गिरी थीं. यूनिसेफ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईरान पर हुए इन हमलों में अब तक मारे गए 1,300 से अधिक लोगों में से कम से कम 181 बच्चे हैं.
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्कूलों को जानबूझकर निशाना बनाना एक 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आता है, जिससे अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.