शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा से 150 Cr के घोटाले के आरोप में इस्तीफा तलब

C

CG Khabar

22 अग. 2026, 07:32 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

मनन मिश्रा
मनन मिश्रा

नई दिल्ली । डेस्क: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय विवाद खड़ा हो गया है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष वाई.आर. सदाशिव रेड्डी ने परिषद के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को पत्र लिखकर उनसे 15 दिनों के भीतर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है. इसके साथ ही रेड्डी ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने पर भी जोर दिया है.


सदाशिव रेड्डी ने अपने पत्र में अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें बार काउंसिल के लगभग 150 करोड़ रुपये के कोष को एक निजी ट्रस्ट में स्थानांतरित करने, काउंसिल के विभिन्न पदों पर स्वजनों एवं परिवार के लोगों को नियुक्त करने तथा वर्ष 2012 से अध्यक्ष पद पर अनवरत बने रहने जैसे आरोप शामिल हैं.


अपने पत्र में रेड्डी ने लिखा है कि वे यह संचार एक विरोधी के रूप में नहीं, बल्कि तीन दशकों से अधिक समय से इस पेशे का हिस्सा होने और बीसीआई के चुने हुए सदस्य के नाते अत्यधिक पीड़ा और विचार-विमर्श के बाद भेज रहे हैं. 


उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के लाखों अधिवक्ताओं द्वारा दिया गया एक-एक रुपया धरोहर के रूप में है और बार काउंसिल ऑफ इंडिया किसी भी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है. यह अधिवक्ताओं के नियमन के लिए 'अधिवक्ता अधिनियम, 1961' (Advocates Act, 1961) के तहत गठित एक संवैधानिक निकाय है.


इस विवाद में हैदराबाद स्थित NALSAR लॉ यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के स्नातकों के पंजीकरण पर रोक लगाने वाले उस आदेश का भी जिक्र किया गया है, जिसे व्यापक विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था. NALSAR के छात्रों ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था, जिसके बाद बीसीआई ने स्नातकों पर नामांकन रोक की चेतावनी दी थी.


दूसरी ओर, बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने अपने खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और इस्तीफे की मांगों को खारिज कर दिया है. उन्होंने दिल्ली स्थित बीसीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले वकीलों और ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) के प्रयासों को 'राजनीतिक एजेंडा' करार दिया है.


मनन कुमार मिश्रा का कहना है कि वे बीते 12 से 14 वर्षों से लगातार 7 बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने जाकर बीसीआई अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं और देश के 25 लाख वकील उनका प्रतिनिधित्व स्वीकारते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे अभियानों और विरोध प्रदर्शनों को 'मजाक' बताते हुए विरोधियों को सीधे चुनाव में मुकाबला करने की चुनौती दी है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP