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चीन ने बताया पेयजल से माइक्रोप्लास्टिक ऐसे हटायें

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17 अग. 2025, 01:22 AM 3 मिनट में पढ़ें 5

पानी
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नई दिल्ली । डेस्क: आप स्वस्थ भोजन खा रहे हैं, लेकिन अनजाने में आपके भोजन में माइक्रोप्लास्टिक मिल रहे हैं. ये सूक्ष्म प्लास्टिक कण न केवल भोजन में, बल्कि पेयजल में भी मौजूद हैं. बोतलबंद मिनरल वाटर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि उसमें भी छोटे-छोटे प्लास्टिक कण पाए गए हैं. 


प्लास्टिक का प्रसार हर जगह है. भोजन की बात छोड़ भी दें, तो पेयजल में माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी सबसे बड़ी चिंता का विषय है. अगर रोज़ाना हजारों प्लास्टिक कण शरीर में प्रवेश करते हैं, तो कई गंभीर बीमारियाँ जैसे कैंसर, ऑटिज़्म, शुक्राणु की कमी, और किडनी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है. 

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लेकिन घर पर पानी को शुद्ध करने का उपाय क्या है? बिना फ़िल्टर के कोई रास्ता नहीं दिखता. अगर आप बोतलबंद पानी खरीदते हैं, तो उसे भी शुद्ध करना ज़रूरी है. चीनी वैज्ञानिकों ने पानी से माइक्रोप्लास्टिक हटाने की एक आसान विधि सुझाई है.


चीन के ग्वांगझो मेडिकल यूनिवर्सिटी और जिनान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पेयजल शुद्धिकरण पर लंबे समय से शोध किया है. उन्होंने पानी से माइक्रोप्लास्टिक हटाने की एक सरल विधि साझा की है. 


उनके अनुसार, पानी को उबालने से माइक्रोप्लास्टिक काफी हद तक हटाया जा सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि पानी उबालने पर उसमें मौजूद कैल्सियम कार्बोनेट (लाइमस्केल) जम जाता है और क्रिस्टल बनाता है. ये क्रिस्टल माइक्रोप्लास्टिक के सूक्ष्म कणों को अपने अंदर समेट लेते हैं. जिन पानी में कैल्सियम या खनिज पदार्थों की मात्रा अधिक होती है (यानी 'हार्ड वाटर'), वहाँ यह विधि अधिक प्रभावी हो सकती है. 


शोध में पाया गया कि पानी को उबालकर और फिर छानकर लगभग 90 प्रतिशत तक माइक्रोप्लास्टिक हटाया जा सकता है. उबले हुए पानी को पतले कपड़े से छानना होगा. लेकिन इस उबले हुए पानी को प्लास्टिक या कांच की बोतल में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इससे फिर से प्लास्टिक कण पानी में मिल सकते हैं. इसे सीधे पीना ही बेहतर है.


शोधकर्ताओं के अनुसार, पेयजल में पाए गए माइक्रोप्लास्टिक में पॉलीप्रोपाइलीन, नायलॉन, और पॉलीइथाइलीन जैसे रसायन शामिल हैं. दुकानों से खरीदे गए पानी या सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों में भी प्लास्टिक कण मौजूद होते हैं. एक बोतल में दस हज़ार से भी अधिक प्लास्टिक कण पाए गए हैं, जो प्रति लीटर में औसतन 10.4 प्रतिशत होता है. 


बोतल बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से ही ये कण पानी में मिल जाते हैं. लंबे समय तक इस तरह का दूषित पानी पीने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं. हालांकि, पानी उबालने के अलावा रिवर्स ऑस्मोसिस प्रक्रिया भी माइक्रोप्लास्टिक हटाने के लिए उपयोगी है. रिवर्स ऑस्मोसिस सुविधा वाले वाटर फ़िल्टर का उपयोग किया जा सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP