पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी FIR कार्रवाई रिपोर्ट
रायपुर में दर्ज एफआईआर पर पुलिस कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नज़िया इलाही खान को नोटिस भेजा है और राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है.
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रायपुर में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में कोलकाता निवासी प्रतिवादी नज़िया इलाही खान को नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में की गई विशिष्ट कार्रवाई का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की पीठ ने रायपुर निवासी मोहम्मद बिलाल द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए. याचिकाकर्ता ने पुलिस पर मामला दर्ज होने के बाद भी लापरवाही और निष्क्रियता का आरोप लगाया था.
उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को तय की है. पीठ ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार 29 जून 2026 को रायपुर कमिश्नरेट के सिविल लाइंस थाने में दर्ज एफआईआर के तहत उठाए गए कदमों का सत्यापन करे और अदालत को सूचित करे.
यह पूरा विवाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. 'तहफ्फुज-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट' के राष्ट्रीय प्रभारी याचिकाकर्ता ने 23 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि एक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक बयान प्रसारित किए गए, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
अधिवक्ता आमिर खान और सितारा खान के माध्यम से दायर याचिका के अनुसार, याचिकाकर्ता ने जांच में प्रगति और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए 8 जुलाई, 13 जुलाई और 10 अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिए थे.
हालांकि, कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
याचिका में यह भी बताया गया कि इसी तरह के आरोपों को लेकर 22 जून 2026 को महाराष्ट्र के ठाणे स्थित शांति नगर थाने में BNS की धारा 299 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एक अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने की मांग की है.