रिकॉर्ड तोड़ ठंड की चेतावनी: ला नीना के प्रभाव से कांपेगा देश!
नई दिल्ली । डेस्क: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार सर्दी का मौसम बेहद कठिन होने वाला है. तापमान में रिकॉर्ड गिरावट की संभावना है, जिसके चलते पूरे देश में कंपाने वाली ठंड पड़ सकती है. अमेरिकी मौसम एजेंसी एनओएए के अनुसार, ला नीना इस समय सक्रिय है और इसका प्रभाव सितंबर से नवंबर के बीच 53% तक बढ़ सकता है. 2025 के अंत तक यह प्रभाव 58% तक पहुंच सकता है, जो 2026 की शुरुआत तक यानी पूरे सर्दी के मौसम में बना रह सकता है. इससे भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, जैसा कि इस साल मानसून के दौरान भारी बारिश ने देश को परेशान किया है.
मानसून में तबाही, अब सर्दी में मुश्किलें
इस साल मानसून ने देश में भारी तबाही मचाई. लगातार भारी बारिश, तूफान और बाढ़ ने देशवासियों को परेशान किया. अगस्त के अंत तक भी प्राकृतिक आपदाओं का कहर जारी रहा. कहीं बाढ़, कहीं भूस्खलन तो कहीं जंगलों में पानी भर गया. इन आपदाओं में हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई. अब मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ला नीना के प्रभाव से सर्दी का मौसम भी उतना ही कठिन हो सकता है. तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है.
ला नीना का प्रभाव: ठंडा समुद्र, भारी बारिश
विशेषज्ञों के अनुसार, ला नीना के दौरान प्रशांत महासागर में हवा का प्रवाह पूर्व से पश्चिम की ओर बदल जाता है. इस दौरान समुद्र की सतह पर ठंडा पानी ऊपर आता है, जिससे पूर्वी प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है. इसका असर भारत, पूर्वी अफ्रीका, इंडोनेशिया, दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में भारी बारिश के रूप में देखने को मिलता है. हालांकि, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में इस बार बारिश की कमी देखी गई. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ला नीना इस बार तुलनात्मक रूप से कमजोर हो सकता है, लेकिन इसका प्रभाव फिर भी गंभीर होगा.
तूफानों का खतरा और जलवायु परिवर्तन
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अक्टूबर से जनवरी के बीच चक्रवाती तूफानों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे सर्दी का अहसास जल्दी शुरू हो सकता है. 2020 से 2022 तक लगातार तीन साल तक ला नीना सक्रिय रहा, जिसे 'ट्रिपल डिप ला नीना' के नाम से जाना जाता है. इसके बाद 2023 में एल नीना सक्रिय हुआ, जिसने तापमान बढ़ाने में भूमिका निभाई. जलवायु परिवर्तन के कारण ला नीना और एल नीना का प्रभाव अब पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट हो रहा है.
तैयार रहें, सर्दी होगी कड़ाके की!
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग पहले से ही गर्म कपड़े और कंबल तैयार रखें. ला नीना के प्रभाव से इस बार सर्दी में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का असर पूरे एशिया में, खासकर भारत में, देखने को मिलेगा. दूसरी ओर, अगर एल नीना सक्रिय होता, तो गर्मी की लहर का खतरा बढ़ जाता. लेकिन सितंबर से ला नीना के सक्रिय होने की संभावना ज्यादा है, जिससे ठंड और कठिन हो सकती है.