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राम मंदिर: विपक्ष का 20 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप

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05 जुल. 2026, 07:00 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

खड़गे
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नई दिल्ली । डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के लिए आए दान में कथित हेराफेरी को लेकर देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखे हमले किए हैं, जिसके बाद भाजपा ने भी विपक्ष के पुराने इतिहास को याद दिलाते हुए कड़ा पलटवार किया है.


उद्धव ठाकरे का हमला: "हिंदुत्व का दुरुपयोग कर मंदिर लूटने वालों को हिंदू नहीं बख्शेंगे"


शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदुओं को लूटने वाले ही आज सत्ता में बैठे हैं. भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे अक्सर कहते हैं कि 'अयोध्या तो सिर्फ एक ट्रेलर थी, काशी और मथुरा अभी बाकी हैं', लेकिन मुझे वहां होने वाली संभावित लूट की चिंता सता रही है. 

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ठाकरे ने चेतावनी दी कि यदि कोई हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके मंदिर को लूटता है, तो देश के हिंदू उसे कभी माफ नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा, "हम कट्टर, सीधे और देशभक्त हिंदू हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं."


मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप: "राम मंदिर के नाम पर हुआ 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला"


दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस पर राम मंदिर के दान से जुड़े लगभग 20,000 करोड़ रुपये की महालूट का गंभीर आरोप लगाया है. एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का सहारा लेती है और दूसरी तरफ लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है. 


उन्होंने कहा, "भगवान के नाम पर इतनी बड़ी लूट हो रही है. अयोध्या में जो हुआ, वह किसी गरीब, दलित या किसान ने नहीं किया, बल्कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों ने किया है." खड़गे ने दावा किया कि मंदिर के नाम पर दान में मिले सोने, चांदी और ईंटों तक की लूट की गई है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर राज्यों में मतदाता सूचियों में हेरफेर कर वोट चोरी करने का भी आरोप लगाया.


आरटीआई के दायरे में लाने की मांग:


इस बीच, माकपा (सीपीआई-एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत लाने की मांग की है. ब्रिटास ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस हालिया आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया, जिसमें ट्रस्ट को 'पब्लिक अथॉरिटी' मानने से इनकार कर दिया गया था. 


उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि यह ट्रस्ट देश की एक बेहद प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था का प्रबंधन करता है और इसे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं से भारी दान मिलता है, इसलिए जनता के भरोसे को देखते हुए इसमें पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी अनिवार्य है.


भाजपा का तीखा पलटवार: "जिन्होंने राम को काल्पनिक बताया, उन्हें सवाल उठाने का हक नहीं"


विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कड़ा रुख अपनाया. विपक्षी दलों का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जिन लोगों का इतिहास हमेशा हिंदू आस्था का अपमान करने और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने का रहा है, उनके पास आज इस मंदिर पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. 


नबीन ने कहा, "ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर उन्हें काल्पनिक बताया था, राम सेतु के अस्तित्व को नकारा था और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं." 


उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करेगी, लेकिन किसी को भी राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, चाहे इसके लिए कोई भी बलिदान क्यों न देना पड़े.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP