रायगढ़: जेल में बंदी की मौत, कांग्रेस की जांच टीम पहुंची
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आबकारी मामले में गिरफ्तार 32 वर्षीय युवक संजय बघेल की अस्पताल में हुई रहस्यमयी मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है. इस संवेदनशील घटना को लेकर सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं, जिसके तहत प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित छह सदस्यीय विशेष जांच दल ने बुधवार को रायगढ़ का दौरा किया.
सरायपाली विधायक चातुरी नंद की अगुवाई में पहुंची इस समिति ने मामले की तह तक जाने के लिए मृतक के परिवार, जेल प्रबंधन और पुलिस के आला अधिकारियों से लंबी बातचीत की और साक्ष्य जुटाए.
जांच टीम ने सबसे पहले नवापारा स्थित मृतक के निवास जाकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की, जहां रिश्तेदारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जेल प्रशासन पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद समिति ने जिला जेल के प्रभारी अधीक्षक और फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिलकर घटना से जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी ली.
टीम के सदस्य और शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने बताया कि सभी पक्षों से मिली जानकारियों और बयानों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. इस उच्च स्तरीय जांच दल में विधायक विद्यावती सिदार, कविता प्राणलहरे, शेषराज हरबंश और जिला ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र नेगी भी शामिल हैं.
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पुलिस ने बीते 10 जून को शराब से जुड़े एक मामले में संजय बघेल को हिरासत में लिया था. परिजनों का दावा है कि एक सामाजिक आयोजन से पुलिस ने दो युवकों को उठाया था, जिसमें से दूसरे युवक को कथित तौर पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया, जबकि पैसे न दे पाने के कारण संजय को सलाखों के पीछे भेज दिया गया.
गिरफ्तारी के बाद जेल में संजय की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां 13 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था और आरोप लगाया था कि जेल के भीतर संजय के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई, जो उसकी मौत की वजह बनी.
इस मामले में परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने शुरुआती कार्रवाई के तौर पर दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है.
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आई कोतरा रोड थाना पुलिस ने खुद को पाक-साफ बताने के लिए थाने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया है. पुलिस का दावा है कि फुटेज में संजय के साथ थाने के अंदर किसी भी तरह की मारपीट या बदसलूकी की पुष्टि नहीं होती है. बहरहाल, घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश व्याप्त है और मामले की न्यायिक व प्रशासनिक जांच अभी जारी है.