रायगढ़: नगर निगम की वेबसाइट पर साइबर अटैक, स्क्रीन पर दिखा पाकिस्तानी झंडा
रायगढ़ नगर निगम की अधिकृत वेबसाइट में सेंधमारी कर हैकर्स ने उस पर पाकिस्तानी झंडा प्रदर्शित कर दिया. खेल मैदान की बुकिंग के दौरान इसका पता चला, जिसके बाद रायपुर स्थित सर्वर एजेंसी ने आपात स्थिति में साइट रिकवर की. मामले में अज्ञात के खिलाफ साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है.
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर गुरुवार शाम एक बड़ा साइबर हमला हुआ. हैकर्स ने निगम के डिजिटल प्लेटफॉर्म में सेंध लगाते हुए उस पर पाकिस्तानी झंडा लहरा दिया और स्क्रीन पर ‘ओवरथ्रैश 1337 टीम’ तथा ‘हैजार्डस पीके फीट टीम अजरेल-एंजल ऑफ डेथ’ जैसे आपत्तिजनक संदेश प्रदर्शित कर दिए.
इस अप्रत्याशित घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार सुबह निगम प्रशासन की ओर से साइबर सेल और स्थानीय पुलिस थाने में अज्ञात हैकर्स के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस की तकनीकी टीम जांच के लिए निगम कार्यालय पहुंची.
साइबर सेंधमारी का यह पूरा मामला उस वक्त उजागर हुआ जब शहर के कुछ खिलाड़ी वेबसाइट के माध्यम से local बॉक्स क्रिकेट मैदान की बुकिंग करने की कोशिश कर रहे थे. उसी दौरान यूजर स्क्रीन पर आपत्तिजनक संदेश और झंडा दिखाई देने लगा.
जैसे ही इसकी भनक नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को लगी, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रायपुर की उस निजी ठेका कंपनी को दी जो इस सर्वर का संचालन और रखरखाव करती है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कंपनी के विशेषज्ञों ने तुरंत सर्वर डाउन किया और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद पूरी प्रणाली को सुरक्षित रूप से दोबारा बहाल कर लिया.
नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही वेबसाइट को तुरंत सुरक्षित कर लिया गया था और किसी भी बड़े नुकसान से पहले व्यवस्था सामान्य कर ली गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और उपयोगकर्ताओं का वित्तीय डेटा पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि भुगतान संबंधी सभी जानकारियां और लेनदेन बैंक के अपने स्वतंत्र सर्वर के जरिए निष्पादित होते हैं.
वहीं, इस घटना के बाद राजधानी रायपुर नगर निगम की वेबसाइट को लेकर भी सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा शुरू हो गई, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि रायपुर निगम का डिजिटल ढांचा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से जुड़ा हुआ है जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद मजबूत है.
निगम की इस डिजिटल प्रणाली में सामग्री अपलोड करने और अपडेट करने का प्रशासनिक अधिकार तो स्थानीय अधिकारियों के पास रहता है, लेकिन इसका मुख्य सर्वर नियंत्रण रायपुर स्थित एजेंसी के पास ही केंद्रित है.
साइबर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा चक्र में यह चूक किस स्तर पर हुई और किस आईपी एड्रेस या लोकेशन से इस साइबर हमले को अंजाम दिया गया था. जांच एजेंसियों का कहना है कि जल्द ही हैकिंग के मूल स्रोत का पता लगा लिया जाएगा.