कुलपति लवली शर्मा की नियुक्ति पर विवादः खैरागढ़
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति लवली शर्मा को लेकर विरोध
खैरागढ़ | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में नवनियुक्त कुलपति लवली शर्मा को लेकर विवाद पैदा हो गया है.
अभी हाल ही में राजभवन ने 9 अप्रैल 2025 को प्रोफेसर लवली शर्मा को संगीत विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया था.
उनकी नियुक्ति को लेकर एबीवीपी यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मुखर विरोध पर उतर आया है.
विश्वविद्यालय परिसर में 'लवली शर्मा गो बैक' के नारे लग रहे हैं.
इसके चलते संगीत के स्वरों से गुंजायमान रहने वाले विवि परिसर में विरोध के स्वर गूंजने लगे हैं.
एबीवीपी का आरोप है कि लवली शर्मा ने ग्वालियर के मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान कई अनियमितताएं की थीं.
छात्र संगठन का कहना है कि शर्मा ने अपने रिश्तेदारों को विश्वविद्यालय में लाभ पहुंचाया. इसी कारण उन्हें ग्वालियर विश्वविद्यालय से हटाया गया था.
आंदोलन की चेतावनी
छात्र संगठन एबीवीपी ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर यह नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो वे प्रदेश व्यापी आंदोलन करेंगे.
सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो छत्तीसगढ़ बंद का भी ऐलान कर सकते हैं.
छात्रों की धमकी व विरोध के चलते विश्वविद्यालय में कुलपित को लेकर दुविधा पैदा हो गई है.
कुलपति के पद से हटाया जा चुका है शर्मा को
आपको बता दें कि प्रोफेसर लवली शर्मा इसके पहले मध्यप्रदेश के शासकीय राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर में कुलपति रह चुकी हैं.
उस वक्त ग्वालियर के इस विश्वविद्यालय में एक छात्रा ने दो सहायक प्राध्यापकों पर कार्यालय में ही यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
इसकी लिखित शिकायत छात्रा ने मध्यप्रदेश के तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया से की थी.
उस शिकायत में सहायक प्राध्यापकों पर यौन उत्पीड़न के साथ ही छात्रा को मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी की बात की गई थी.
छात्रा ने जब इस बात की शिकायत कुलपति लवली शर्मा से की तो उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं.
जांच के बाद विश्वविद्यालय में धारा 57 लागू की गई थी और कुलपति लवली शर्मा को हटा दिया गया था.
उनके कार्यकाल में आर्थिक अनियमितताओं को लेकर भी जांच की गई थी.
क्या शर्मा की नियुक्ति भाजपा की मजबूरी
दरअसल जब ग्वालियर विश्वविद्यालय में प्रो लवली शर्मा को कुलपति के पद से हटाया गया था, तब मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार थी.
उन पर आरोपों की जांच के बाद राजभवन के आदेश पर उन्हें पद से हटा दिया गया था.
इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में वही विवादित कुलपति को खैरागढ़ विवि में नियुक्त करना चर्चा का विषय बन गया है.
सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस मजबूरी के तहत मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान राज्यपाल के आदेश पर पद से हटाई गयी कुलपति को छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में राज्यपाल के आदेश पर क्यों नियुक्ति दी गई.
जानकारों का मानना है कि कुलपति विवादित नहीं होना चाहिए. ग्वालियर में छात्रों ने शर्मा के विरोध में प्रदर्शन किया था.
खैरागढ़ विवि में विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब खैरागढ़ विश्वविद्यालय विवादों में आया हो. पिछली सरकार के समय पद्मश्री ममता चंद्राकर को कुलपति नियुक्त किया गया था.
लेकिन उनका कार्यकाल भी लगातार विरोध और विवादों से घिरा रहा.
राज्य की सत्ता बदलने के बाद 21 जून 2024 को उन्हें पद से हटा दिया गया और संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर को कार्यवाहक कुलपति बनाया गया था.
इसके बाद महीनों तक विश्वविद्यालय बिना स्थायी कुलपति के ही चला. अब जब स्थायी कुलपति की नियुक्ति हुई तो वह भी विवादों के घेरे में पहुंच गई.