एक शब्द के सुराग से सुलझी प्रिंसिपल हत्याकांड की गुत्थी
नलगोंडा । डेस्क: तेलंगाना के नलगोंडा के कोंडामल्लेपल्ली में 'नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट स्कूल' की प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की नृशंस हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझाने में सफलता हासिल की है. इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किसी तकनीकी साक्ष्य से नहीं, बल्कि हत्या से ठीक पहले प्रिंसिपल द्वारा फोन पर बोले गए एक एकल शब्द 'बाबू' से हुआ. इस सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए नलगोंडा पुलिस ने उसी स्कूल के दो 16 वर्षीय दसवीं कक्षा के छात्रों को पकड़ा है.
'बाबू' शब्द ने घुमाया जांच का चक्र
11 अगस्त को जेबी कॉलोनी स्थित आवास पर रूपा रेड्डी की 27 बार चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी. जिला पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार के निर्देशन में गठित पांच विशेष टीमों ने करीब 80 लोगों से पूछताछ की और 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच के दौरान पता चला कि हत्या से ठीक पहले रूपा रेड्डी अपनी चाची से फोन पर बात कर रही थीं और फोन बंद होने से ठीक पहले उनके मुंह से 'बाबू' शब्द निकला था. चूंकि वह अक्सर अपने स्कूल के छात्रों को इसी नाम से संबोधित करती थीं, इसलिए पुलिस का ध्यान छात्रों की गतिविधियों पर केंद्रित हो गया.
अनुशासन की कार्रवाई से उपजी रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र स्कूल के हॉस्टल में एक ही कमरे में रहते थे. बीते महीने प्रिंसिपल ने उनके पास से मोबाइल फोन और अघोषित नकदी जब्त की थी और उनके माता-पिता के सामने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी. इसी बात का बदला लेने और त्वरित पैसा कमाने की नीयत से दोनों ने प्रिंसिपल के घर में बड़ी नकदी होने का अनुमान लगाकर हत्या की साजिश रची. उन्होंने सोशल मीडिया और यूट्यूब का सहारा लेकर बिना कोई सुराग छोड़े अपराध को अंजाम देने का तरीका सीखा.
रैकी, हत्या और फिर उड़ाए पैसे
एक सप्ताह तक घर की रेकी करने के बाद, आरोपी छात्रों ने चाकू, दस्ताने और हुडी का इंतजाम किया. वारदात के दिन रसोई के खुले दरवाजे से घर में दाखिल होकर उन्होंने प्रिंसिपल पर चाकू से हमला कर दिया और अलमारी से 2.5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए. चोरी की गई रकम से आरोपियों ने 60 हजार रुपये का आईफोन खरीदा और बाकी पैसे अन्य शौक पूरे करने में खर्च किए.
रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
स्कूल खुलने पर जब पुलिस ने दो दिन से अनुपस्थित रहने वाले और अचानक ठाठ-बाठ से रहने वाले छात्रों पर नजर रखी, तो शक की सुई इन दोनों पर टिकी. डोणियाला चौराहे के पास जब पुलिस ने इन्हें रोका, तो तलाशी के दौरान इनके पास से 1.54 लाख रुपये बरामद हुए, जिनमें से तीन 500 रुपये के नोटों पर खून के धब्बे लगे थे. कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू, दस्ताने, दो मोबाइल फोन और मृतका का आईफोन बरामद कर लिया है.