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प्रागैतिहासिक मगरमच्छ पेड़ से कूदकर शिकार करते थे

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18 नव. 2025, 02:53 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

प्रागैतिहासिक मगरमच्छ
प्रागैतिहासिक मगरमच्छ

नई दिल्ली । डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में हाल ही में मिले प्रागैतिहासिक मेकोसुचिन मगरमच्छ के अंडे के खोल ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है. ये खोल करीब 5 करोड़ साल पुराने हैं और इनसे पता चला है कि ये विलुप्त सरीसृप पेड़ों पर चढ़ने के साथ-साथ चीते की तरह ऊपर से कूदकर शिकार पकड़ने में माहिर थे. खुदाई की शुरुआत 1983 में हुई थी, लेकिन 42 साल बाद मुरगन शहर के एक फार्महाउस में मिट्टी खोदते हुए ये दुर्लभ जीवाश्म मिले.


वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मेकोसुचिन मगरमच्छ की कई प्रजातियां थीं, जो ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ द्वीपों पर घूमती थीं. ये कम से कम 5 मीटर (16 फुट) लंबे होते थे और जंगलों में शिकार के लिए पेड़ों पर रहते थे. शोधकर्ताओं ने इन्हें 'ड्रॉप क्रॉक' नाम दिया है, क्योंकि ये पेड़ की डाल से शिकार पर झपट्टा मारते थे. स्पेन के इंस्टीट्यूट कैटाला डी पेलियोन्टोलॉजिया मिगुएल क्रुसाफॉन्ट के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय टीम ने क्वींसलैंड में ये खोज की, जिसमें सिडनी के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का भी योगदान रहा.

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न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर माइकल आर्चर ने कहा, "ये मगरमच्छ जंगलों में ही शिकार करते थे. संभवतः चीते की तरह पेड़ पर इंतजार कर पसंदीदा शिकार पर कूद पड़ते थे. कुछ 'ड्रॉप क्रॉक' लंबे समय तक पेड़ों पर ही रहते थे." यह शोध हाल ही में 'जर्नल ऑफ वर्टिब्रेट पेलियोन्टोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है.

पहले भी ऑस्ट्रेलिया में मेकोसुचिन के जीवाश्म मिल चुके हैं, लेकिन वे करीब 2.5 करोड़ साल पुराने थे. नई खोज इन सरीसृपों की शारीरिक बनावट, प्रजनन और अनुकूलन क्षमता को बेहतर समझने में मदद कर रही है. टीम के प्रमुख जेवियर पैनेड्स का कहना है, "ये अंडे के खोल बताते हैं कि ये प्राणी कैसे रहते थे, कहां बसते थे और कैसे वंश बढ़ाते थे."


मेकोसुचिन मगरमच्छ कब पूरी तरह विलुप्त हुए, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन अनुमान है कि करीब 3,000 साल पहले ऑस्ट्रेलिया से ये गायब हो गए. न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर माइकल स्टीन के अनुसार, अन्य शिकारी जानवरों से मुकाबला न कर पाना और शिकार की कमी के कारण ये धीरे-धीरे लुप्त हो गए. हालांकि, विलुप्ति के सटीक कारणों को समझने के लिए और शोध की जरूरत है. ये जीवाश्म प्रजनन और अनुकूलन पर नई रोशनी डाल सकते हैं.


वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के खारे और मीठे पानी में मौजूद मगरमच्छ प्रजातियां करीब 38 लाख साल पुरानी हैं, लेकिन मेकोसुचिन इनसे कहीं पहले के थे. यह खोज प्रागैतिहासिक जीवन की विविधता को रेखांकित करती है. (symbolic photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP