पीएम मोदी ने प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और केयरगिवर ट्रेनिंग पर दिया जोर
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'सबका साथ सबका विकास' थीम पर आधारित बजट-बाद वेबिनार को संबोधित करते हुए देश में प्रिवेंटिव और होलिस्टिक हेल्थकेयर के विजन को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हुआ है और सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं.
उन्होंने आयुष्मान भारत और आरोग्य मंदिरों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि योग और आयुर्वेद की वैश्विक लोकप्रियता भारत के स्वास्थ्य दृष्टिकोण को मजबूती दे रही है.
पीएम मोदी ने उभरती हुई 'केयर इकोनॉमी' पर विशेष ध्यान देते हुए विशेषज्ञों से युवाओं के लिए नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने का आग्रह किया, ताकि देखभाल क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा किया जा सके.
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने टेलीमेडिसिन की सफलता को सराहा, लेकिन साथ ही इसके यूजर अनुभव को और अधिक सरल बनाने और जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
इस अवसर पर केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणाओं पर भी चर्चा की गई, जिसके तहत जिला अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर क्षमताओं को 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
सरकार की योजना मौजूदा कैजुअल्टी वार्डों को अत्याधुनिक इमरजेंसी विभागों में बदलने और 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को एम्बुलेंस सेवाओं के साथ एकीकृत करने की है, ताकि गरीब और कमजोर वर्गों को अचानक होने वाले स्वास्थ्य खर्चों से राहत मिल सके और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके.