पिनाका रेजिमेंट सेना की ताकत बढ़ायेगी
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय सेना 2026 तक 6 अतिरिक्त पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर रेजिमेंट को पूरी तरह शामिल कर लेगी. इनमें से दो रेजिमेंट पहले ही सेवा में हैं, जबकि दो अन्य रेजिमेंट की प्रक्रिया चल रही है. शेष दो रेजिमेंट के लिये लॉन्चर सिस्टम इस साल के अंत या 2026 की शुरुआत में मिलने की उम्मीद है.
पिनाका एक स्वदेशी रॉकेट सिस्टम है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. एक पिनाका रेजिमेंट में तीन बैटरी होती हैं, और प्रत्येक बैटरी में छह लॉन्चर होते हैं. प्रत्येक लॉन्चर 44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकता है, जो 1.5 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर सकता है.
पिनाका का विस्तारित रेंज रॉकेट 75 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकता है. पूरी तरह से शामिल होने पर, पिनाका सिस्टम में 114 लॉन्चर, 45 कमांड पोस्ट और 330 वाहन होंगे.
रूस के GRAD सिस्टम का विकल्प
पिनाका रेजिमेंट रूस के पुराने GRAD BM-21 सिस्टम को प्रतिस्थापित कर रहा है. 2020 में भारत-चीन गलवान घाटी संघर्ष के बाद, रक्षा मंत्रालय ने BEML, टाटा पावर और L&T के साथ 2,580 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था.
भविष्य में, सेना 22 पिनाका रेजिमेंट चाहती है, जिसमें स्वचालित बंदूक-लक्ष्य प्रणाली, पोजिशनिंग सिस्टम और आधुनिक कमांड पोस्ट शामिल होंगे.
ये आधुनिक रॉकेट सिस्टम भारतीय सेना की तोपखाने की ताकत को बढ़ायेंगे, खासकर चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर. सैनिकों का प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा, जिससे सेना की युद्धक क्षमता और मजबूत होगी.