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'पारले-जी' का 'जी' क्या है?

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09 जुल. 2025, 12:32 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

'पारले-जी'
'पारले-जी'

मुंबई । डेस्क: भारत के हर घर में पसंद किया जाने वाला पारले-जी बिस्किट सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि बचपन की यादों और चाय के प्याले का साथी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पारले-जी में 'जी' का मतलब क्या है?


ज्यादातर लोग मानते हैं कि 'जी' का मतलब 'ग्लूकोज' है, और यह पूरी तरह गलत भी नहीं. पारले-जी को ग्लूकोज बिस्किट के रूप में बेचा गया था, लेकिन असल में 'जी' का मतलब 'जीनियस' है. यह नाम कंपनी की नवाचार शक्ति को दर्शाता है.

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1929 में मोहनलाल दयाल ने पारले प्रोडक्ट्स की स्थापना की. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान खाद्य संकट में, पारले ने सस्ता, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर बिस्किट बनाया, जिसे 'जीनियस बिस्किट' कहा गया, जो बाद में पारले-जी बन गया.


1960 के दशक में, चित्रकार मगनलाल दहिया ने पैकेजिंग पर एक छोटी लड़की का चित्र बनाया, जो आज भी विश्वास और पहचान का प्रतीक है. 2011 के नीलसन रिपोर्ट के अनुसार, पारले-जी दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला बिस्किट बना. आज भी यह 5 रुपये में ग्रामीण भारत में उपलब्ध है.


पारले ने 1980 के दशक में कोकाकोला के भारत छोड़ने पर थम्स अप, लिम्का, गोल्ड स्पॉट और फ्रूटी जैसे पेय लॉन्च किये, जो बेहद लोकप्रिय हुए. बाद में कोकाकोला ने थम्स अप को खरीद लिया.


पारले-जी आज भी सस्ते दाम, अपरिवर्तित स्वाद और दशकों की भावनात्मक जुड़ाव के कारण प्रासंगिक है. यह बिस्किट सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का हिस्सा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP