LoC पार कर प्रेमिका से मिलने आया पाक युवक रिहा
श्रीनगर । डेस्क: नियंत्रण रेखा (LoC) के पार पनपे प्यार ने एक पाकिस्तानी युवक को सरहद लांघने पर मजबूर कर दिया. हालांकि, सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े जाने के बाद कानूनी पेचीदगियों में फंसे इस प्रेमी को आखिरकार उसके सच्चे प्यार ने बचा लिया. मानवीय दृष्टिकोण और दोनों देशों के बीच संबंधों को देखते हुए भारतीय अधिकारियों ने शनिवार को 22 वर्षीय जीशान मीर को वापस पाकिस्तान भेज दिया.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पनकेडी गांव के रहने वाले जीशान मीर को करीब एक महीने पहले उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में LoC पार करने के बाद पकड़ा गया था. सुरक्षा एजेंसियों ने जब मामले की जांच की, तो सामने आया कि यह कोई पारंपरिक घुसपैठ का मामला नहीं, बल्कि एक प्रेमी की अपनी प्रेमिका से मिलने की बेताब कोशिश थी.
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार को उरी के कमान क्रॉसिंग पर जीशान को पाकिस्तानी रक्षा बलों के हवाले कर दिया गया. रिहाई से ठीक पहले जीशान की उसकी प्रेमिका इरम बानो से तीन मिनट की भावुक मुलाकात कराई गई. इरम LoC के पास स्थित तिलवारी गांव की रहने वाली है.
यह पूरी कहानी 31 मई को शुरू हुई थी, जब जीशान को सिलिकोट इलाके से पकड़ा गया था. इसके बाद सच्चाई का पता लगाने के लिए इरम को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया. इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें एक सुरक्षा अधिकारी के सामने दोनों अपनी पहचान बताते नजर आ रहे थे.
पूछताछ में यह साफ हो गया कि दोनों परिवार आपस में रिश्तेदार हैं और सालों पहले जीशान का परिवार उरी से ही PoK विस्थापित हुआ था. दोनों काफी समय से सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे. चूंकि मामला पूरी तरह से प्यार से जुड़ा था, इसलिए इरम को जल्द ही छोड़ दिया गया और उस पर कोई केस दर्ज नहीं हुआ.
दूसरी ओर, जीशान के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. लेकिन जब उरी की अदालत में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की, तो कोर्ट ने माना कि जीशान केवल इरम से मिलने की नीयत से सीमा पार आया था. अदालत ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मामले को बंद कर दिया और जीशान को बरी कर दिया.
मुकदमे और उरी पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान भी इरम के परिवार ने जीशान का पूरा ख्याल रखा. इरम की मां अफरोजा बेगम ने बताया कि उन्होंने जीशान के लिए कपड़े और जूते खरीदे थे. उन्होंने कहा कि शनिवार को विदाई से पहले उन्हें जीशान से केवल तीन मिनट के लिए मिलने दिया गया.
जीशान बिल्कुल शांत था और उसने परिवार से न रोने के लिए कहा. अफरोजा ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जीशान के साथ एक मेहमान की तरह व्यवहार किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों की सरकारें इरम के वीजा को मंजूरी देंगी ताकि दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकें.
इस पूरे मामले पर भारतीय सेना ने भी बयान जारी किया है. सेना ने कहा कि भारत में रहने के दौरान जीशान मीर के साथ मानवीय मूल्यों और पेशेवर आचरण के तहत पूरी गरिमा, सहानुभूति और उचित देखभाल के साथ व्यवहार किया गया.