भीषण गर्मी: कांकेर में 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में जारी भीषण लू और जानलेवा गर्मी अब न सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि बेजुबान वन्यजीवों के लिए भी काल बन चुकी है. राज्य के अलग-अलग जिलों से आ रही वन्यजीवों की मौत की खबरें बेहद चिंताजनक हैं.
हाल ही में कोरबा में 200 चमगादड़ों की मौत के बाद, अब कांकेर जिले के सरोना गांव में पिछले तीन-चार दिनों के भीतर 500 से अधिक चमगादड़ों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है. ग्रामीणों के अनुसार, चमगादड़ अचानक पेड़ों से नीचे गिर रहे हैं और कुछ ही मिनटों में दम तोड़ रहे हैं.
इस खौफनाक मंजर को देखकर स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है और लोगों ने पेड़ों वाले रास्तों से गुजरना बंद कर दिया है. वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक गर्म थपेड़ों के संपर्क में रहने के कारण भीषण गर्मी के तनाव और डिहाइड्रेशन से इन चमगादड़ों की जान गई है.
पारिस्थितिक संकट का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा. खैरागढ़ जिले के लछना उप-परिक्षेत्र के अंतर्गत दल्लीखोली जंगल में भी बड़े पैमाने पर पक्षियों और जानवरों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है. यहां तीन मोर (एक नर और दो मादा), दो उल्लू, दो कौवे, एक ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन, एक रूफस ट्रीपाई, एक ब्लैक ड्रोंगो और पांच ताड़ के नेवले (पाम सिवेट) मृत पाए गए.
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आसपास के जलाशयों की निगरानी बढ़ा दी है, ताकि जहरखुरानी या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की आशंका को खारिज किया जा सके.
बिलासपुर के कानन पेंडारी से आई पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत जीवों का पोस्टमार्टम किया. शुरुआती जांच में पता चला है कि अत्यधिक गर्म हवाओं के कारण इन जीवों के आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा था. सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और पानी के नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं. खैरागढ़ के डीएफओ पंकज राजपूत ने भी प्रथम दृष्टया इसे हीटवेव का ही असर बताया है.
वर्तमान में समूचा छत्तीसगढ़ भट्टी की तरह तप रहा है. पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव में तापमान 45.5 डिग्री और रायपुर में 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है. मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ में लू के थपेड़े जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन की चिंताएं और बढ़ा दी हैं. AI Generated Photo.