ओस्मानिया के छात्रों को माओवादी मुठभेड़ स्थल जाने से रोका गया
चिन्नूर । डेस्क: आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के त्रि-राज्य सीमा पर स्थित चिन्नूर में, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के 12 छात्रों के एक समूह को शुक्रवार 5 दिसंबर, 2025 को पुलिस ने रोक दिया. यह समूह मरेदुमिल्ली जंगल की ओर जा रहा था, जहाँ 18 नवंबर, 2025 को एक मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष कमांडर माडवी हिडमा सहित छह माओवादी सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए थे.
तथ्य-खोज टीम के सदस्य, जिनमें ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के कई कानून के छात्र भी शामिल थे, प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (PDSU) जैसे विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
चिन्नूर के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) बोड्डू हेमंत के नेतृत्व में पुलिस ने उन्हें आंध्र प्रदेश की सीमाओं पर ही रोक दिया और मुठभेड़ स्थल पर जाने से मना कर दिया.
चिन्नूर पुलिस स्टेशन के सामने मीडिया से बात करते हुए, टीम के सदस्यों ने कहा कि वे मरेदुमिल्ली एजेंसी का दौरा करने जा रहे थे ताकि मुठभेड़ स्थल का मुआयना कर सकें, और स्थानीय लोगों व ऑपरेशन में शामिल पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर सकें. उन्होंने यह दौरा हिडमा को कथित तौर पर जिंदा पकड़ने और फिर मरेदुमिल्ली के जंगलों में मारे जाने के आरोपों के मद्देनज़र आयोजित किया था.
18 नवंबर की सुबह अल्लूरी सीताराम राजू जिले की मरेदुमिल्ली एजेंसी के पापिकोंडा नेशनल पार्क में कथित मुठभेड़ में छह माओवादी मारे गए थे. मारे गए लोगों में सीपीआई (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और साउथ बस्तर बटालियन कमांडेंट माडवी हिडमा, उनकी पत्नी राजे, और उनके गनमैन देवे, लकमल और कामलू शामिल थे.
चिन्नूर ASP बोड्डू हेमंत ने कहा कि 'ऑपरेशन संभव' नामक चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के मद्देनजर उन्होंने छात्रों को ज़मीनी हालात से अवगत कराया और उन्हें मरेदुमिल्ली एजेंसी जाने की अनुमति नहीं दी गई. ASP हेमंत के अनुसार, तथ्य-खोज टीम शुक्रवार शाम तक हैदराबाद लौट गई.
ह्यूमन राइट्स फोरम, आंध्र प्रदेश स्टेट के अध्यक्ष के.वी. जगन्नाधा राव ने त्रि-राज्य सीमा पर चिन्नूर में 12 सदस्यीय टीम को हिरासत में लेने की निंदा की है.