ऑपरेशन सिंदूर: पाक मीडिया की रिपोर्ट 'मनगढ़ंत'- फ्रांसीसी नौसेना
नई दिल्ली । डेस्क: फ्रांसीसी नौसेना (मरीन नैशनल) ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान स्थित एक मीडिया आउटलेट द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादी साइटों पर इस 'भ्रामक' जानकारी को प्रसारित करने के लिए नेवी ने आउटलेट पर नाराजगी व्यक्त की है.
इस्लामाबाद के 'जियो टीवी' द्वारा 21 नवंबर को प्रकाशित एक लेख के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि एक फ्रांसीसी नौसेना कमांडर ने पाकिस्तान की हवाई श्रेष्ठता और सीमा पर हुई झड़पों के दौरान भारतीय राफेल जेट के मार गिराए जाने की पुष्टि की है.
नेवी ने कहा कि रिपोर्ट में न केवल फ्रांसीसी अधिकारी के बयानों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, बल्कि उनका नाम भी गलत (जैक्स लूनी के बजाय कैप्टन इवान लूनी) प्रकाशित किया गया. मरीन नैशनल ने अपने आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक बयान जारी कर कहा कि कैप्टन लूनी को दिए गए सभी बयान मनगढ़ंत हैं और उन्होंने कभी भी इस प्रकाशन के लिए सहमति नहीं दी.
[#FAKENEWS] These statements were attributed to Captain Launay who never gave his consent for any form of publication.
— Marine nationale (@MarineNationale) November 22, 2025
The article contains extensive misinformation and disinformation. pic.twitter.com/crVrFFABkx
विवादित लेख में सनसनीखेज दावा किया गया था कि कमांडर ने एक इंडो-पैसिफिक कॉन्फ्रेंस में बताया कि 6-7 मई की भिड़ंत में पाकिस्तान वायु सेना ने "काफी बेहतर" प्रदर्शन किया. इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने भारतीय राफेल के मार गिराए जाने की पुष्टि की और इस परिणाम को चीनी समर्थन से जोड़ा. फ्रांसीसी नौसेना ने स्पष्ट किया कि इनमें से कोई भी बात सच नहीं है.
नौसेना के अनुसार, कैप्टन लूनी का वास्तविक पद केवल लैंडिविज़ियो में नौसेना एयर स्टेशन की कमान संभालना है, जहां राफेल मरीन विमान तैनात हैं, न कि उन्हें भारत-पाकिस्तान संघर्ष में शामिल एक वरिष्ठ ऑपरेशनल अथॉरिटी के रूप में पेश करना. फ्रांस ने कहा कि सम्मेलन में उनकी प्रस्तुति पूरी तरह से तकनीकी थी, जिसमें उन्होंने राफेल मरीन के मिशन और पायलटों के सामने आने वाली सामान्य चुनौतियों का वर्णन किया था.
फ्रांसीसी नौसेना ने आगे स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पूछे जाने पर कैप्टन लूनी ने किसी भी नुकसान के दावे की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया, और उन्होंने भारतीय विमानों की चीनी जैमिंग के आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. नौसेना ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भी चीनी J-10 का उल्लेख नहीं किया, जैसा कि पाकिस्तानी मीडिया ने पेश करने की कोशिश की.
पाकिस्तानी समाचार आउटलेट ने लिखा था कि कैप्टन लूनी ने कहा, "युद्ध मशीन में कुछ भी गलत नहीं था, लेकिन मशीन का उपयोग ठीक से नहीं किया गया," हालांकि, फ्रांसीसी नौसेना ने इस दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि "उन्होंने कभी भी चीनी J-10 का उल्लेख नहीं किया."