सिर्फ 11,272 विदेशियों के पास है आधार कार्ड: UIDAI के हवाले से TMC सांसद का दावा
कोलकाता । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले ने गुरुवार को यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के डेटा का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत में सिर्फ 11,272 विदेशी नागरिकों के पास ही आधार कार्ड है. उन्होंने इस डेटा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा, जिन पर उन्होंने कथित रूप से लाखों विदेशियों के पास आधार होने का दावा करने का आरोप लगाया है.
एक्स पर एक पोस्ट में, गोखले ने UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार द्वारा उनके पत्र के जवाब की प्रति साझा की. सीईओ ने बताया कि "निवासी विदेशी" श्रेणी के तहत अब तक कुल 11,272 आधार संख्याएँ जारी की गई हैं. यह भी बताया गया कि आधार अधिनियम, 2016 के तहत, एक निवासी वह व्यक्ति है जो आवेदन की तारीख से पहले 12 महीनों में 182 दिन या उससे अधिक समय तक भारत में रहा हो, और इस मानदंड को पूरा करने वाले विदेशी नागरिक आधार के हकदार हैं. निवासी विदेशियों को सीमित वैधता वाले आधार जारी किए जाते हैं, जिनकी वैधता उनके वीजा के साथ समाप्त हो जाती है.
IMPORTANT: ONLY 11,272 foreign nationals in India have Aadhaar cards
— Saket Gokhale MP (@SaketGokhale) November 6, 2025
Over the last year, HM Amit Shah & BJP have been claiming that a huge number of illegal foreign migrants have been issued Aadhaar cards in India. It is important to note that Aadhaar cards are issued by the… pic.twitter.com/cGyecWcmVu
सांसद गोखले ने कहा कि यदि UIDAI जानता है कि सिर्फ 11,272 विदेशियों के पास आधार कार्ड है, तो अमित शाह ने "लाखों विदेशी प्रवासियों" के पास आधार होने का झूठा दावा क्यों किया? उन्होंने यह भी कहा कि देश में मौजूद 142 करोड़ आधार में से, विदेशियों को जारी किए गए आधारों की संख्या केवल 0.007% है.
टीएमसी नेता ने चुनाव आयोग (ECI) पर भी सवाल उठाया, जिसने पहले आधार को नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने पूछा, "अगर UIDAI जानता है कि सिर्फ 11,272 विदेशियों के पास आधार कार्ड हैं, तो बाकी भारतीय नागरिक हैं. इस स्थिति में, ECI क्यों दावा कर रहा है कि आधार को नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि ECI SIR अभ्यास के बहाने एक बैकडोर NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) चला रहा है. यह अभ्यास पश्चिम बंगाल में 4 नवंबर को शुरू हुआ और टीएमसी ने इसका कड़ा विरोध किया.
सांसद गोखले ने गृह मंत्री शाह के उन दावों पर भी आपत्ति जताई कि फर्जी आधार इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि आधार के क्यूआर कोड को स्कैन करके फर्जी आधार का पता लगाना "10 सेकंड" का काम है, क्योंकि यह बायोमेट्रिक्स से जुड़ा हुआ है.